पंचकूला में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का एक मामला सामने आया है। यहां स्कूल ड्रेस में 10वीं कक्षा का एक छात्र कार चलाते हुए पकड़ा गया। छात्र की उम्र ड्राइविंग लाइसेंस के लिए निर्धारित कानूनी उम्र से कम थी। मामले में ट्रैफिक पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल ₹32,500 का चालान किया।
बताया जा रहा है कि नाबालिग छात्र को उसके अभिभावकों ने कार चलाने के लिए दी थी। ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई के बाद नाबालिग को वाहन चलाने देने वाले अभिभावकों की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्कूल ड्रेस में कार चला रहा था छात्र
पुलिस की टीम ट्रैफिक नियमों की जांच कर रही थी। इसी दौरान स्कूल ड्रेस पहने एक छात्र कार चलाते हुए दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन को रोककर चालक से संबंधित दस्तावेजों की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि कार चला रहा छात्र नाबालिग है और उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
इसके बाद पुलिस ने मोटर वाहन नियमों के तहत कार्रवाई की। नाबालिग द्वारा वाहन चलाए जाने के मामले में वाहन मालिक और अभिभावक की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में आती है।
अभिभावकों की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने देने को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कम उम्र में कार या अन्य मोटर वाहन चलाने से बच्चे के साथ-साथ सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
ट्रैफिक पुलिस लगातार लोगों से अपील करती रही है कि नाबालिग बच्चों को मोटर वाहन चलाने की अनुमति न दें। अभिभावकों से कहा जाता है कि बच्चों को वाहन देने के बजाय उन्हें यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
₹32,500 का चालान
मामले में पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए ₹32,500 का चालान किया। चालान की कार्रवाई के साथ अभिभावकों को भी यह संदेश दिया गया कि नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना कानूनी और सुरक्षा, दोनों लिहाज से गंभीर मामला हो सकता है।
पंचकूला में सामने आया यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब ट्रैफिक पुलिस नाबालिगों के वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर निगरानी बढ़ा रही है। पुलिस का कहना है कि नियमों का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क हादसों को रोकना और वाहन चालकों को जिम्मेदार बनाना भी है।







