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September 29, 2026 11:05 am

दिल्ली में रेप पीड़िता बच्ची को जज ने लिखा स्पेशल लेटर, कहा- दोषी को कानून के मुताबिक सजा से बचने नहीं देंगे

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दिल्ली में यौन अपराध की पीड़िता एक बच्ची के मामले में अदालत की ओर से संवेदनशील पहल सामने आई है। मामले की सुनवाई कर रही जज ने बच्ची के नाम एक विशेष पत्र लिखा। पत्र में जज ने बच्ची के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा कि जो समय और बचपन उससे छिन गया है, उसे वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन उसके साहस को हमेशा याद रखा जाएगा।

जज ने अपने संदेश में न्याय प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कानून के मुताबिक जवाबदेह ठहराया जाएगा और न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा से बचने का रास्ता नहीं दिया जाएगा।

‘तुम्हारा बचपन वापस नहीं ला सकते’

जज ने बच्ची को लिखे पत्र में उसके साथ हुई घटना के कारण हुए दर्द को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि अदालत बीते हुए समय को वापस नहीं कर सकती, लेकिन बच्ची की हिम्मत और उसके संघर्ष को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

पत्र का उद्देश्य बच्ची को यह भरोसा दिलाना भी था कि न्याय व्यवस्था उसके अधिकारों और सुरक्षा को गंभीरता से लेती है। अदालत ने यह संदेश दिया कि पीड़िता को अकेले इस स्थिति का सामना नहीं करना है और कानून उसके साथ है।

न्यायिक प्रक्रिया में दोषी पर कार्रवाई

मामले में अदालत की भूमिका तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की है। दोष सिद्ध होने पर आरोपी के खिलाफ संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। जज ने अपने पत्र में इसी कानूनी प्रक्रिया और जवाबदेही पर जोर दिया।

ऐसे मामलों में अदालतें पीड़ित बच्चों की गरिमा और गोपनीयता को विशेष महत्व देती हैं। सुनवाई के दौरान बच्चे को अतिरिक्त मानसिक दबाव से बचाने और उसकी पहचान सुरक्षित रखने के लिए कानून में विशेष प्रावधान भी हैं।

बच्चियों के अधिकार और सुरक्षा पर जोर

यौन अपराधों से जुड़े मामलों में बच्चों की सुरक्षा और न्याय तक उनकी पहुंच को लेकर विशेष कानूनी व्यवस्था है। अदालतों का प्रयास रहता है कि पीड़ित बच्चे को संवेदनशील वातावरण मिले और मामले की सुनवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हो।

दिल्ली की जज का यह पत्र इसी संवेदनशील न्यायिक दृष्टिकोण का उदाहरण माना जा सकता है। संदेश में बच्ची के साहस को महत्व देते हुए उसे यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि उसके साथ हुई घटना को गंभीरता से लिया गया है और कानून के दायरे में दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नोट: यौन अपराध के मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित हो सकता है। इसलिए किसी भी खबर में बच्ची का नाम, पता या ऐसी जानकारी प्रकाशित नहीं की जानी चाहिए, जिससे उसकी पहचान सामने आए।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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