पुणे से एक बेहद भावुक करने वाली खबर सामने आई है, जहां केतन अग्रवाल के 71 वर्षीय दादा का निधन हो गया। परिवार का कहना है कि पोते के अचानक चले जाने के बाद वह गहरे सदमे में थे और लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी। इसी मानसिक और भावनात्मक तनाव के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिजनों के अनुसार, केतन अग्रवाल की मौत के बाद से ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। दादा इस घटना से पूरी तरह टूट चुके थे और अक्सर अपने पोते को याद करते रहते थे। परिवार का कहना है कि वह केतन को बेटे जैसा मानते थे और उसकी कमी को किसी भी तरह स्वीकार नहीं कर पा रहे थे।
सदमे में बिगड़ी तबीयत
परिवार ने बताया कि पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। डॉक्टरों की निगरानी के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। परिजन मानते हैं कि मानसिक तनाव और गहरा सदमा उनकी सेहत पर भारी पड़ गया, जिसके चलते उनका निधन हो गया।
परिवार में गम का माहौल
दादा के निधन से परिवार में एक बार फिर शोक की लहर दौड़ गई है। पहले ही केतन अग्रवाल की मौत से परिवार उबर नहीं पाया था, और अब इस दूसरी बड़ी क्षति ने सभी को और अधिक भावुक कर दिया है। रिश्तेदारों और परिचितों का घर पर तांता लगा हुआ है और हर कोई परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहा है।
पहले से ही टूट चुका था परिवार
स्थानीय लोगों का कहना है कि केतन की मौत के बाद से ही परिवार बेहद दुखी था। दादा अक्सर खामोश रहते थे और किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। उनकी भावनात्मक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही थी, जिसका असर उनकी सेहत पर साफ दिख रहा था।
समाज में शोक की लहर
इस घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और इसे एक बेहद दुखद और दिल तोड़ देने वाली घटना बता रहे हैं।
फिलहाल परिवार इस दोहरे नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन दर्द और सदमे की यह घड़ी उनके लिए बेहद कठिन साबित हो रही है।








