Explore

Search

August 3, 2026 5:43 pm

कैंसर ट्रीटमेंट का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट! आखिर क्यों झड़ने लगते हैं बाल, एक्सपर्ट से समझें पूरी बात

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

कैंसर का इलाज शुरू होते ही मरीजों और उनके परिवार की सबसे बड़ी चिंताओं में से एक होती है बालों का झड़ना। कई लोगों को लगता है कि कैंसर की बीमारी के कारण बाल झड़ते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बाल झड़ने की मुख्य वजह कैंसर नहीं, बल्कि उसका उपचार—खासतौर पर  कीमोथेरेपी—होता है।

डॉक्टर बताते हैं कि कीमोथेरेपी की दवाएं शरीर में तेजी से बढ़ने और विभाजित होने वाली कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए बनाई जाती हैं। कैंसर कोशिकाएं बहुत तेजी से बढ़ती हैं, लेकिन बालों की जड़ों (हेयर फॉलिकल्स) की कोशिकाएं भी तेजी से विकसित होती हैं। यही कारण है कि कीमोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं के साथ-साथ बालों की कोशिकाओं को भी प्रभावित कर देती है, जिससे बाल झड़ने लगते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, हर कैंसर मरीज के साथ ऐसा होना जरूरी नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज को किस प्रकार का कैंसर है, कौन-सी दवाएं दी जा रही हैं, उनकी मात्रा कितनी है और इलाज कितने समय तक चलेगा। कुछ मरीजों में बाल केवल पतले होते हैं, जबकि कुछ में सिर, भौंह, पलकें और शरीर के अन्य हिस्सों के बाल भी झड़ सकते हैं।

डॉक्टर बताते हैं कि आमतौर पर कीमोथेरेपी शुरू होने के दो से तीन सप्ताह बाद बाल झड़ना शुरू हो सकता है। कई बार मरीजों को कंघी करते समय या सिर धोते समय अधिक बाल गिरते हुए दिखाई देते हैं। हालांकि यह एक अस्थायी स्थिति होती है और अधिकांश मामलों में इलाज पूरा होने के कुछ सप्ताह या महीनों बाद बाल दोबारा उगने लगते हैं। शुरुआत में नए बालों का रंग, बनावट या घनत्व पहले से अलग हो सकता है, लेकिन समय के साथ उनमें सामान्य बदलाव आ सकता है।

विशेषज्ञ मरीजों को सलाह देते हैं कि इलाज के दौरान बालों की विशेष देखभाल करें। हल्के शैंपू का इस्तेमाल करें, बालों पर अत्यधिक गर्मी या केमिकल वाले उत्पादों से बचें और जरूरत पड़ने पर स्कार्फ, टोपी या विग का उपयोग करें। कुछ मामलों में डॉक्टर स्कैल्प कूलिंग जैसी तकनीकों की भी सलाह दे सकते हैं, जो कुछ मरीजों में बाल झड़ने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं, हालांकि यह हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होती।

डॉक्टर यह भी कहते हैं कि बाल झड़ना भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन इसे इलाज का अस्थायी प्रभाव समझना चाहिए। परिवार और करीबी लोगों का सहयोग, सही जानकारी और डॉक्टर से खुलकर बातचीत मरीज का आत्मविश्वास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

नोट: कैंसर के इलाज से जुड़े सभी निर्णय, दवाएं और जांच केवल योग्य ऑन्कोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) की सलाह के अनुसार ही करानी चाहिए। यदि इलाज के दौरान बाल झड़ने या अन्य किसी दुष्प्रभाव को लेकर चिंता हो, तो स्वयं इलाज में बदलाव न करें और तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर