
इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष को 5 दिन हो गए हैं. मिसाइलें उड़ रही हैं, धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है, और पूरा

इजराइल के ताबड़तोड़ हमलों से परेशान ईरान की मदद के लिए एक छोटा सा देश आगे आया है. यह देश है तुर्कमेनिस्तान जिसने पाकिस्तान, तुर्किए

पाकिस्तान से अपना देश संभाला नहीं जा रहा है और दूसरे देशों के युद्ध में कूदने की फिराक में है. भारत से मार खाए हुए

भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में तो चीन की दखलअंदाजी कोई नई बात नहीं रही, लेकिन अब ड्रैगन ने भारत के एक

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाया. इस अभियान के बाद भारत ने दुनिया के अलग-अलग देशों में अपने प्रतिनिधिमंडल

भारत से रिश्तों में सुधार की उम्मीद लगाए पाकिस्तान ने अब इटली की ओर देखा है. पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्ला तारड़ ने

तुर्किए ने भारत के साथ हुए संघर्ष में पाकिस्तान की हर तरीके से मदद की थी. चाहें वह कूटनीतिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान

भारत ने एक और अंतरराष्ट्रीय मंच से पाकिस्तान को बेनकाब किया है. भारत की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान को सिंधु जल संधि

पड़ोसी देश पाकिस्तान की सेना देश के राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक हर मोर्चे पर हावी है. पाकिस्तान की आजादी के बाद से 78 सालों में

चुनावी रणनीतिकार से नेता बने और जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पाकिस्तान के साथ सीजफायर पर सहमति जताने के
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