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October 7, 2026 10:19 pm

JPSC परीक्षा विवाद में सोरेन सरकार को झटका, हाईकोर्ट ने रद्द करने के फैसले पर लगाई रोक

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रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच हेमंत सोरेन सरकार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने सरकार की ओर से परीक्षा को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों के बीच एक बार फिर उम्मीद जगी है, वहीं राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों के सामने आगे की प्रक्रिया को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है।

JPSC परीक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। परीक्षा की प्रक्रिया, उससे जुड़े फैसलों और अभ्यर्थियों की आपत्तियों को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा। याचिकाकर्ताओं की ओर से सरकार के परीक्षा रद्द करने के निर्णय को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े पक्षों की दलीलें सुनीं और फिलहाल परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी।

परीक्षा रद्द करने के फैसले पर उठे थे सवाल

JPSC परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच पहले से ही असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। परीक्षा रद्द किए जाने के सरकारी फैसले के बाद कई अभ्यर्थियों ने इसका विरोध किया और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की। उनका तर्क था कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर यदि कोई विवाद है तो उसका समाधान तय नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए।

इसी विवाद के बीच मामला हाईकोर्ट पहुंचा। अदालत के सामने परीक्षा रद्द करने के सरकारी निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल सरकार के फैसले पर रोक लग गई है।

अभ्यर्थियों के लिए क्यों अहम है कोर्ट का फैसला?

JPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। परीक्षा रद्द होने या दोबारा आयोजित होने की स्थिति में अभ्यर्थियों की तैयारी, समय और भविष्य की योजनाएं प्रभावित होती हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश को अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा की आगे की प्रक्रिया क्या होगी और सरकार इस आदेश के बाद क्या कदम उठाएगी। कोर्ट के अंतिम फैसले और मामले की अगली सुनवाई पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी।

सरकार के सामने आगे की चुनौती

हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार को मामले में अपना पक्ष मजबूती से रखना होगा। सरकार की ओर से परीक्षा रद्द करने के पीछे जो कारण बताए गए हैं, उनकी कानूनी स्थिति भी अदालत के सामने स्पष्ट करनी होगी। वहीं याचिकाकर्ताओं की ओर से भी परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अपने तर्क रखे जाएंगे।

फिलहाल अदालत ने परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाकर मामले को महत्वपूर्ण मोड़ पर ला दिया है। हालांकि, इस आदेश को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। आगे की सुनवाई में अदालत मामले के सभी पहलुओं पर विचार करेगी और उसके बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

आगे क्या होगा?

अब JPSC परीक्षा को लेकर अगला कदम अदालत की कार्यवाही और सरकार के रुख पर निर्भर करेगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा की स्थिति, तारीख और आगे की प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। किसी भी तरह की अफवाह या सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारी के बजाय JPSC और अदालत की ओर से जारी आधिकारिक अपडेट को ही आधार माना जाना चाहिए।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद झारखंड में JPSC परीक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सरकार के फैसले पर लगी रोक ने परीक्षा रद्द होने की स्थिति को फिलहाल बदल दिया है, लेकिन अंतिम तस्वीर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ होगी।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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