मध्य प्रदेश के विदिशा में आयोजित नीट परीक्षा के दौरान एक बेहद भावुक और दर्दनाक घटना सामने आई। परीक्षा केंद्र के बाहर उस समय माहौल गमगीन हो गया जब एक छात्रा का पेपर मात्र कुछ मिनट की देरी के कारण छूट गया। इस घटना के बाद उसके पिता का दर्द इतना बढ़ गया कि वह सड़क पर ही लेटकर रोने लगे और अपने आंसू नहीं रोक पाए।
जानकारी के अनुसार, छात्रा परीक्षा देने के लिए समय से पहले घर से निकली थी, लेकिन रास्ते में हुई देरी के कारण वह परीक्षा केंद्र पर तय समय से कुछ मिनट देर से पहुंची। नियमों के अनुसार गेट बंद होने के बाद उसे अंदर प्रवेश नहीं मिल सका, जिससे उसका पूरा साल बर्बाद होने जैसा हाल हो गया।
बाहर खड़े उसके पिता ने जब अपनी बेटी को परीक्षा में शामिल होने से वंचित देखा तो वह भावुक होकर टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह सड़क पर लेट गए और जोर-जोर से रोने लगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लिया था, ताकि वह डॉक्टर बन सके।
पिता ने रोते हुए कहा कि उन्होंने हर संभव कोशिश की थी कि बेटी की पढ़ाई में कोई कमी न रहे, लेकिन एक छोटी सी देरी ने सब कुछ बदल दिया। उनकी इस हालत को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी भावुक हो गए और कई लोग उन्हें संभालते नजर आए।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पिता का दर्द साफ देखा जा सकता है। लोग इस घटना पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और परीक्षा व्यवस्था में लचीलापन रखने की मांग भी उठा रहे हैं।
फिलहाल, यह मामला परीक्षा नियमों और छात्रों की कठिनाइयों को लेकर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है। परिवार का कहना है कि वे अब आगे की रणनीति को लेकर विचार कर रहे हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।








