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August 24, 2026 6:27 pm

अरुणाचल में चीनी गतिविधियों के दावे पर सियासी बवाल! आरके सिंह बोले- सरकार बताए, सेरा-5 की असली स्थिति क्या है?

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 अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में चीन की कथित गतिविधियों और भारतीय सेना की पेट्रोलिंग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने केंद्र सरकार से सवाल किया है कि तक्सिंग क्षेत्र के सेरा-5 पेट्रोलिंग पॉइंट की वास्तविक स्थिति क्या है और क्या भारतीय जवान अब वहां नियमित रूप से गश्त नहीं कर पा रहे हैं?

आरके सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस मामले में स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर सेरा-5 पर भारतीय गश्त प्रभावित हुई है, तो क्या ऐसे और भी पेट्रोलिंग पॉइंट हैं जहां पहले भारतीय जवान जाते थे, लेकिन अब वहां पहुंच नहीं हो रही है।

सेरा-5 को लेकर क्या है विवाद?

सेरा-5 अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के तक्सिंग क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोलिंग पॉइंट बताया जाता है। यह इलाका भारत-चीन सीमा के बेहद संवेदनशील हिस्सों में आता है। आरके सिंह ने दावा किया कि उन्हें मीडिया रिपोर्टों के जरिए जानकारी मिली कि भारतीय सेना की पेट्रोलिंग यहां प्रभावित हुई है और चीनी पक्ष की मौजूदगी बढ़ी है।

हालांकि, इस पूरे दावे को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इससे पहले भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी PLA द्वारा कथित तौर पर कैंप बनाए जाने से जुड़ी रिपोर्टों को गलत और आधारहीन बताया था।

इसलिए सेरा-5 पर कथित कब्जे या चीनी नियंत्रण के दावे को फिलहाल स्थापित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि विवादित दावा मानना जरूरी है।

आरके सिंह ने सरकार से पूछे कई सवाल

आरके सिंह ने सवाल उठाया कि अगर भारत और चीन के बीच LAC को लेकर अलग-अलग धारणाएं हैं, तो पेट्रोलिंग पॉइंट का महत्व बेहद ज्यादा हो जाता है। उनके मुताबिक, सीमावर्ती इलाकों में गश्त के जरिए दोनों देश अपनी-अपनी सीमा संबंधी स्थिति को दर्शाते हैं।

उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि 2014 के बाद कितने ऐसे पेट्रोलिंग पॉइंट हैं जहां भारतीय सेना की गश्त बंद हुई है? साथ ही उन्होंने यह जानने की मांग की कि क्या इनमें से किसी स्थान पर चीनी सेना की स्थायी मौजूदगी स्थापित हुई है।

सीमा सुरक्षा पर क्यों अहम है यह सवाल?

भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC का पूरा सीमांकन नहीं हुआ है। इसी वजह से कई इलाकों में दोनों देशों की सीमा संबंधी धारणाएं अलग-अलग हैं। ऐसे क्षेत्रों में पेट्रोलिंग को सीमा प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

तक्सिंग क्षेत्र भी इसी वजह से रणनीतिक रूप से संवेदनशील है। स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कुछ महीनों में भारतीय पक्ष की पेट्रोलिंग प्रभावित होती है।

सरकार का क्या कहना है?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने हाल में अरुणाचल सीमा पर चीनी सेना की गतिविधियों को लेकर कहा कि ऊंचाई वाले इलाकों में PLA की गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन उन्होंने भारतीय क्षेत्र में चीनी घुसपैठ के दावों को खारिज किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने सीमा पर अपनी पेट्रोलिंग मजबूत की है।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी पहले राज्य में चीनी घुसपैठ के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि भारतीय सेना प्रभावी तरीके से सीमा की निगरानी कर रही है।

यानी एक तरफ आरके सिंह और कुछ स्थानीय रिपोर्टें सेरा-5 जैसे इलाकों में भारतीय पेट्रोलिंग को लेकर सवाल उठा रही हैं, वहीं सरकार की ओर से भारतीय क्षेत्र में चीनी कब्जे या घुसपैठ के दावों को स्वीकार नहीं किया गया है।

चीन और अरुणाचल प्रदेश का पुराना विवाद

अरुणाचल प्रदेश लंबे समय से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का प्रमुख मुद्दा रहा है। चीन पूरे अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है, जबकि भारत स्पष्ट रूप से कहता है कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न हिस्सा है।

बीते वर्षों में चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने की कोशिशें भी सामने आई हैं। भारत ने ऐसी कार्रवाइयों को खारिज करते हुए कहा है कि किसी क्षेत्र का नाम बदलने से उसकी वास्तविक स्थिति नहीं बदलती।

राजनीतिक विवाद क्यों बढ़ा?

आरके सिंह पहले नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। अब उनके सवालों ने सीमा सुरक्षा के मुद्दे को राजनीतिक बहस में ला दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।

कांग्रेस समेत विपक्षी नेताओं ने भी इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया है कि अगर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वयं पेट्रोलिंग पॉइंट को लेकर सवाल उठा रहे हैं तो केंद्र को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल क्या?

फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल सेरा-5 की वास्तविक जमीनी स्थिति को लेकर है। क्या वहां भारतीय सेना की पेट्रोलिंग पहले की तरह जारी है? क्या किसी कारण से पेट्रोलिंग प्रभावित हुई है? और क्या वहां चीनी सेना की स्थायी मौजूदगी का दावा सही है?

इन सवालों का स्पष्ट और आधिकारिक जवाब ही विवाद की वास्तविक तस्वीर सामने ला सकता है।

कुल मिलाकर, अरुणाचल प्रदेश में चीनी गतिविधियों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। आरके सिंह ने सरकार से सेरा-5 और अन्य पेट्रोलिंग पॉइंट्स पर स्थिति साफ करने की मांग की है, जबकि सरकार की ओर से भारतीय क्षेत्र में चीनी घुसपैठ के दावों को खारिज किया गया है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार सेरा-5 को लेकर आधिकारिक तौर पर क्या स्पष्टीकरण देती है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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