राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दिल्ली में होने वाली कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को लेकर व्यापारियों की चिंताओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचेंगे और वहां खरीदारी भी करेंगे। जूली के इस बयान को दिल्ली के व्यापारियों की चिंताओं के बीच कांग्रेस की ओर से दिया गया जवाब माना जा रहा है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी कांग्रेस का विरोध लगातार चर्चा में है।
दिल्ली में महारैली को लेकर व्यापारियों की चिंता पर कांग्रेस का जवाब
कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। इस कार्यक्रम में राजस्थान सहित देश के अलग-अलग हिस्सों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की संभावना है। कांग्रेस ने राजस्थान से भी बड़ी संख्या में लोगों को दिल्ली ले जाने की तैयारी की है।
रैली में भीड़ जुटाने और आयोजन की तैयारियों को लेकर राजस्थान कांग्रेस के नेताओं के बीच बैठकें भी हुई हैं। इसी सिलसिले में प्रदेश के नेताओं को अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
दिल्ली के व्यापारियों की ओर से रैली के कारण बाजारों, यातायात और कारोबार पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर चिंता जताई गई थी। इस पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोग दिल्ली में खरीदारी भी करेंगे, जिससे व्यापारियों को फायदा मिल सकता है।
‘लाखों लोग आएंगे तो शॉपिंग भी करेंगे’
जूली के बयान का मुख्य संदेश यह है कि दिल्ली आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही भी बढ़ सकती है। कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि रैली में शामिल होने के लिए राजस्थान और दूसरे राज्यों से आने वाले लोग स्थानीय दुकानों और बाजारों से खरीदारी कर सकते हैं।
हालांकि, रैली में कितने लोग शामिल होंगे और इससे दिल्ली के कारोबार पर कितना वास्तविक असर पड़ेगा, इसका आकलन आयोजन के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की तैयारी की जा रही है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस का विरोध जारी
इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस का विरोध भी अहम मुद्दा बना हुआ है। कांग्रेस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाती रही है। पार्टी की मांग है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है। वहीं, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए जा रहे राजनीतिक आरोपों को अपने आप में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच दिल्ली रैली पर नजर
दिल्ली में प्रस्तावित महारैली को कांग्रेस अपने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में देख रही है। पार्टी की कोशिश है कि इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हों। दूसरी ओर, व्यापारियों की चिंता और रैली से बाजारों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर भी चर्चा जारी है।
टीकाराम जूली के बयान ने इस बहस को नया राजनीतिक मोड़ दिया है। कांग्रेस का दावा है कि बाहर से आने वाले लोग दिल्ली के कारोबार में योगदान दे सकते हैं, जबकि रैली के वास्तविक आर्थिक और व्यावसायिक प्रभाव का पता आयोजन के बाद ही चलेगा।








