नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (INDIA bloc) के प्रमुख नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक ‘जनता महाभियोग’ (Public Impeachment) कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस सिलसिले में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, मीरा कुमार, जयराम रमेश, पवन खेड़ा और गौरव गोगोई के अलावा महुआ मांझी, जॉन ब्रिटास, डेरेक ओ’ब्रायन, राजद नेता अभय सिन्हा और समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, 30 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को पूरी तरह से संसदीय कार्यवाही की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। इसमें लगभग 40 वक्ता भाग लेंगे, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के रूप में सांसद अपनी बात रखेंगे। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह व दीपेंद्र सिंह हुड्डा तथा तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा व कल्याण बनर्जी सत्ता पक्ष की भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इस सत्र की अध्यक्षता करेंगी, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी इसे संबोधित करेंगे।
यह आयोजन 1 नवंबर को मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं के विरोध में होने वाली विशाल रैली की पूर्व संध्या पर एक प्रमुख रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अन्य स्थलों की अनुमति न मिलने के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन खड़गे के आवास पर किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान का उल्लंघन करने, चुनावी लोकतंत्र को कमजोर करने और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष गलत तथ्य प्रस्तुत करने के गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई है।








