संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने ऑपरेशन के दौरान हुई सैन्य क्षति और घटनाक्रम को लेकर संसद को पूरी जानकारी नहीं दी तथा रक्षा मंत्री ने सदन को गुमराह किया। इन आरोपों के बाद रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि राजनाथ सिंह का वक्तव्य पूरी तरह तथ्यात्मक था और उसे संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि रक्षा मंत्री ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार साझा की थीं। मंत्रालय के अनुसार, विपक्ष द्वारा बयान के कुछ हिस्सों को अलग करके यह धारणा बनाने की कोशिश की गई कि सरकार ने तथ्यों को छिपाया, जबकि ऐसा नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि पूरे भाषण को उसके वास्तविक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
विवाद तब बढ़ा जब विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए सैनिकों और अभियान के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख संसद में स्पष्ट रूप से नहीं किया गया। विपक्ष ने सरकार से इस पूरे अभियान की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने और संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में संसद को सही और पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।
सरकार ने इन आरोपों को राजनीतिक बताया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अभियानों से जुड़े कई पहलुओं का सार्वजनिक खुलासा सुरक्षा कारणों से संभव नहीं होता। मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने संसद में वही जानकारी साझा की जो राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी।
सत्तारूढ़ पक्ष के नेताओं ने भी रक्षा मंत्री का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए सेना के अभियान को विवाद का विषय बना रहा है। उनका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर देश की सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील अभियान था और उसके बारे में भ्रामक जानकारी फैलाना उचित नहीं है।
दूसरी ओर, विपक्ष अपने आरोपों पर कायम है और इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर उठाने की बात कह रहा है। विपक्षी दलों ने सरकार से मांग की है कि ऑपरेशन से जुड़े तथ्यों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की जाए ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जारी इस राजनीतिक विवाद के बीच अब सभी की नजर संसद की आगामी कार्यवाही पर है, जहां इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं रक्षा मंत्रालय ने दोहराया है कि सरकार ने किसी भी स्तर पर संसद को गुमराह नहीं किया और राजनाथ सिंह का बयान पूरी तरह तथ्यों एवं निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप था।








