ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने बयान जारी कर कहा है कि यदि अमेरिका उनकी मांगों को स्वीकार कर लेता है, तो ईरान आगामी दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए तैयार है। तेहरान का कहना है कि इस विषय पर मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जारी है और अब ‘सब कुछ’ अमेरिका के रुख पर ही निर्भर करता है।
प्रवक्ता के अनुसार, कतर और ओमान जैसे देशों की मध्यस्थता से चल रही बातचीत में ईरान ने अपनी शर्तें पूरी होने पर जलडमरूमध्य में सुरक्षा बहाल करने की प्रतिबद्धता जताई है। पूर्व में ईरान ने इस प्रक्रिया के लिए सात दिनों का समय प्रस्तावित किया था, जिसे अब घटाकर दो दिन (48 घंटे) का कर दिया गया है।
ईरान की प्रमुख मांगों में पूरे मध्य पूर्व में सैन्य संघर्ष पर विराम लगाना, अमेरिका द्वारा उसकी समुद्री नाकेबंदी को समाप्त करना, विदेश में पड़े ईरानी फंड को अनफ्रिज करना, तेल क्षेत्र से प्रतिबंध हटाना तथा ओमान के साथ तय किए गए नए समुद्री मार्ग को मान्यता देना शामिल है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के ठीक बाद अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संभावित हमलों को लेकर क्षेत्र में गहरी अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच प्रत्यक्ष समझौता अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन मध्यस्थों के माध्यम से वार्ता का दौर लगातार जारी है। फारस की खाड़ी स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का एक बेहद महत्वपूर्ण जरिया है, और इसके बंद रहने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में काफी तनाव बना हुआ है।








