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July 12, 2026 8:25 pm

राजस्थान के टेक्सटाइल निर्यात को वर्ष 2030 तक चार गुना करने का लक्ष्य- नीलाभ सक्‍सेना उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विजन है कि प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए प्रत्येक सेक्टर को प्रोत्साहित किया जाए, जिससे निवेश के साथ युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के समुचित अवसर मिल सकें। इसी मंशा के अनुसार उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा सेक्टर आधारित करीब 15 नई नीतियां लागू की गई हैं। अब राजस्थान टेक्सटाइल एवं अपैरल नीति-2025 के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक राज्य स्तरीय डेडिकेटेड टेक्सटाइल सेल का गठन किया गया है। साथ ही, राज्‍य में पहली बार राज्‍य का तथा 11 जिलों के लिए जिला स्तरीय टेक्सटाइल एक्‍सपोर्ट एक्‍शन प्‍लान तैयार किया गया हैं। इसमें भारत सरकार द्वारा चयनित 7 चैंपियन जिले (अजमेर, भीलवाड़ा, जयपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, जोधपुर एवं कोटा) और 4 एसपाइरेशनल जिले (श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर एवं चूरू ) शामिल हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्‍सेना ने बताया कि यह सेल राज्य में टेक्सटाइल इकाइयों को प्रोत्साहित करने, नवीनतम तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए बहुआयामी प्रयास करेगी। इसमें औद्योगिक क्षेत्रों का दौरा कर बाधाओं की पहचान, उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं निर्यातकों से संवाद, देश-विदेश के प्रमुख वस्त्र केंद्रों का अध्ययन, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वस्त्र प्रदर्शनियों में भागीदारी शामिल है। साथ ही, टेक्सटाइल क्षेत्र से संबंधित समग्र डेटा का संकलन एवं विश्लेषण करेगी। इसी वर्ष अक्टूबर में एक दो दिवसीय टेक्सटाइल समिट का आयोजन भी प्रस्तावित है। सरकार द्वारा राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स) के तहत टेक्सटाइल को थ्रस्ट क्षेत्र घोषित कर अतिरिक्‍त परिलाभ दिए जा रहे हैं।
सक्‍सेना ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक वस्त्र एवं परिधान निर्यात को 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राजस्थान में भी इस क्षेत्र के निर्यात को 3-4 गुना तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में कार्य भी शुरू कर दिया है। राजस्थान से कुल निर्यात वर्ष 2024-25 में 97, 171 करोड़ रुपये से अधिक था। इसमें टेक्सटाइल एवं इससे जुड़े अन्य क्षेत्रों का हिस्सा करीब 13,500 करोड़ रुपये था, जो कुल निर्यात के 13 प्रतिशत से अधिक है।
राजस्थान ऊन उत्पादन में प्रथम, कपास उत्पादन में पांचवें स्थान पर
राजस्थान ऊन उत्पादन में लगभग 47 प्रतिशत योगदान के साथ प्रथम एवं कपास उत्पादन में पांचवें स्थान पर है। वर्तमान में प्रदेश में 1,800 से अधिक टेक्सटाइल और अपैरल यूनिट्स हैं। राजस्थान का वस्त्र उद्योग अपनी पारंपरिक तकनीकों, हैण्‍डब्‍लॉक प्रिटिंग एवं विभिन्‍न वस्‍त्रों  के लिए विश्वभर में अपनी एक विशिष्‍ठ पहचान रखता है। राज्य से विभिन्‍न टेक्‍सटाइल उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है एवं इस क्षेत्र में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं जिसके लिए वर्तमान सरकार लगातार प्रयासरत है।
देवेन्द्र सिंह
Author: देवेन्द्र सिंह

tv journalist with a 25 years of experience. Earlier worked for etv,indianews, sahara samay, bharat express etc

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