ऑकलैंड। एक दिवसीय क्रिकेट श्रृंखला के पहले मुकाबले में भारतीय तेज़ गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान न्यूजीलैंड की पूरी टीम को महज 185 रनों पर समेट दिया। पिच की उछाल का बेहतरीन फायदा उठाते हुए भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही कीवी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। छोटे और शॉर्ट-ऑफ-लेंथ गेंदों के सामने न्यूजीलैंड के खिलाड़ी संघर्ष करते नजर आए और रन गति बढ़ाने के प्रयास में अपने विकेट गंवाते चले गए। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने चार विकेट लेकर गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई की, जबकि गुरनूर ब्रार ने तीन और अंशुल कंबोज ने बेहद किफायती गेंदबाजी करते हुए दो विकेट हासिल किए।
मैच के दौरान अर्शदीप सिंह की विविधतापूर्ण लंबाई और उछाल भरी गेंदें आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। उन्होंने अपनी गति में बिना किसी खास बदलाव के आखिरी क्षणों में कलाई के इस्तेमाल से शॉर्ट गेंदों पर अतिरिक्त उछाल हासिल की। कीवी टीम ने 17वें ओवर तक ही अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे, जिनमें से तीन बल्लेबाज पुल शॉट खेलने के प्रयास में पवेलियन लौटे। विल यंग, हेनरी निकोल्स और टिम सेफर्ट जैसे प्रमुख बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के इस जाल में फंसकर सस्ते में आउट हो गए।
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा की चपलता और मैदान पर अनुभव का अद्भुत नमूना 22वें ओवर में देखने को मिला, जब उन्होंने बेहतरीन थ्रो के जरिए डेरिल मिचेल को रन आउट कर न्यूजीलैंड की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इसके तुरंत बाद विराट कोहली ने भी दूसरे स्लिप में एक अविश्वसनीय कैच लपककर नेथन स्मिथ को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इस बीच न्यूजीलैंड के लिए पुछल्ले बल्लेबाज ब्लेयर टिकनर ने अंत में कुछ आक्रामक शॉट खेले और तीन छक्के लगाकर टीम के स्कोर को 185 तक पहुंचाया।
मैच के पावरप्ले में भारतीय तेज गेंदबाजों ने पूरी तरह दबदबा बनाए रखा और शॉर्ट तथा गुड-लेंथ गेंदों का सटीक संतुलन पेश किया। अंशुल कंबोज ने अपने 10 ओवरों के स्पेल में केवल 22 रन खर्च करके कीवी बल्लेबाजों को बांधे रखा, जिससे दूसरे छोर से विकेट हासिल करने का रास्ता साफ हुआ। हालांकि आखिरी ओवरों में न्यूजीलैंड के 11वें नंबर के बल्लेबाज ने कुछ रन जोड़े, लेकिन भारतीय टीम ने मेजबान टीम को एक मामूली स्कोर पर रोककर मैच में अपनी मजबूत पकड़ बना ली।








