Explore

Search

July 27, 2026 11:20 am

आधार से डिजिटल इंडिया तक अपनी छाप छोड़ने वाले नंदन नीलेकणी अब बदलेंगे देश का एग्जाम सिस्टम, पीएम मोदी ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

आधार परियोजना से लेकर डिजिटल इंडिया की मजबूत नींव तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले देश के जाने-माने उद्योगपति और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी को अब एक और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने के उद्देश्य से गठित एग्जाम सुधार टास्क फोर्स की कमान सौंपी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, तकनीकी गड़बड़ियों और पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

सरकार का मानना है कि देश की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता है। इसी वजह से नंदन नीलेकणी पर भरोसा जताया गया है। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे आधुनिक तकनीक, डिजिटल पहचान और डेटा सुरक्षा के अपने लंबे अनुभव का उपयोग कर परीक्षा प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

नंदन नीलेकणी देश की अग्रणी आईटी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापकों में शामिल हैं। उन्होंने कंपनी को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया। इसके बाद उन्हें भारत सरकार ने यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) का नेतृत्व सौंपा, जहां उनकी अगुवाई में आधार परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया। आज आधार दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणाली बन चुकी है और करोड़ों भारतीयों को सरकारी सेवाओं, बैंकिंग और डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने में इसकी अहम भूमिका है।

डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों में उनके अनुभव को देखते हुए सरकार को विश्वास है कि वे परीक्षा प्रणाली में भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना, डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत करना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाना तथा परीक्षा संचालन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना होगा।

हाल के वर्षों में नीट, भर्ती परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए विवादों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी। ऐसे में सरकार की यह पहल परीक्षा प्रणाली में लोगों का भरोसा दोबारा मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

शिक्षा और तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नंदन नीलेकणी के नेतृत्व में टास्क फोर्स प्रभावी सुझाव देती है और उन्हें समयबद्ध तरीके से लागू किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में भारत की परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, सुरक्षित, डिजिटल और विश्वसनीय बन सकती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधार को लेकर कौन-कौन से बड़े सुझाव देती है और सरकार उन्हें किस तरह लागू करती है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर