उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थमती नजर आ रही है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश में कमी आने के बाद तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश के लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून ट्रफ की स्थिति कमजोर पड़ने और बादलों की सक्रियता कम होने के कारण बारिश में कमी आई है। इसके चलते दिन के तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे गर्मी का असर और तेज महसूस किया जा रहा है।
तापमान में बढ़ोतरी, उमस ने बढ़ाई परेशानी
राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। दिन के समय तेज धूप और रात में उमस के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। खासकर शहरी इलाकों में गर्मी का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है।
लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सड़कों पर भी गर्म हवाओं का असर साफ महसूस किया जा रहा है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए हीट वेव जैसे हालात की संभावना जताई है। हालांकि इसे औपचारिक रूप से लू घोषित नहीं किया गया है, लेकिन तापमान और उमस के चलते स्थिति काफी हद तक वैसी ही महसूस हो सकती है।
विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें।
कब मिलेगी राहत?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आगामी दिनों में फिर से बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है, जिससे कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है। हालांकि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
किसानों पर भी असर
बारिश में आई इस अस्थायी कमी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। धान की फसल और अन्य खरीफ फसलों के लिए नियमित बारिश बेहद जरूरी होती है। ऐसे में किसानों की नजर अब मौसम में होने वाले अगले बदलाव पर टिकी है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी और उमस का असर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश की वापसी कब होगी, यह आगामी मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।








