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November 4, 2026 7:17 pm

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पुलिस मुठभेड़ में मारा गया गुवाहाटी होटल गोलीकांड का मुख्य आरोपी, हथियार छीनकर भागने की कोशिश का आरोप

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गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी में होटल के भीतर हुई सनसनीखेज गोलीबारी के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई (34) की मंगलवार को पुलिस फायरिंग में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि उसे एक अन्य मामले में पूछताछ के लिए पूर्वी असम के शिवसागर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान गौरीसागर इलाके में उसने पुलिसकर्मियों के कब्जे से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की। आरोपी को काबू करने के दौरान पुलिस और उसके बीच झड़प हुई, जिसमें एक जांच अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पुलिसकर्मी के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) को गोली चलानी पड़ी। गोली लगने से घायल घनकांत को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना की पुष्टि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया ने की है।

पुलिस के मुताबिक, घनकांत गोगोई को मंगलवार को वर्ष 2024 में दर्ज एक बैंक धोखाधड़ी के मामले में शिवसागर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गुवाहाटी के होटल में हुई गोलीबारी के मामले में गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब दूसरे मामले में उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे शिवसागर ले जा रही थी। इसी दौरान गौरीसागर इलाके में यह घटना हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया ने बताया कि आरोपी को पुलिस वाहन से शौच के लिए नीचे उतारा गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर जांच अधिकारी का सर्विस हथियार छीनने का प्रयास किया। इस बात को लेकर दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई और पुलिस अधिकारी बुरी तरह घायल हो गया। अधिकारी को बचाने के लिए शिवसागर सदर पुलिस थाने के प्रभारी के निजी सुरक्षा अधिकारी ने गोली चलाई। गोली लगने के बाद घनकांत को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं, घायल पुलिस अधिकारी का स्थानीय अस्पताल में उपचार चल रहा है।

एसएसपी चेतिया ने बताया कि घनकांत गोगोई हथियार चलाने में प्रशिक्षित था और उसे अलग-अलग तरह के हथियारों का अनुभव था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसकी गतिविधियों को देखते हुए उसे सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा माना जा रहा था। पुलिस का दावा है कि झड़प के दौरान जांच अधिकारी के सर्विस हथियार से कुल तीन गोलियां चलीं, लेकिन इनमें से कोई भी गोली किसी अन्य व्यक्ति को नहीं लगी। हालांकि, एक गोली पुलिस के वाहन में जा लगी। दूसरी ओर, घनकांत का उपचार करने वाले डॉक्टर ने बताया कि उसे अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर के अनुसार, गोली उसके दिल के पास लगी थी और अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।

26 अक्टूबर को होटल में हुई थी पांच लोगों की हत्या

घनकांत गोगोई पर जिस भयावह गोलीकांड को अंजाम देने का आरोप था, वह 26 अक्टूबर 2026 की रात गुवाहाटी के उलुबारी सर्विस एरिया स्थित होटल बिलास इन में हुआ था। इस गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था। घटना में जान गंवाने वालों की पहचान भूदेव भराली (65), उनकी बहन हेलेना (58), उनके बेटे देबार्षि कश्यप (39), बहू रिनिका कश्यप (30) और परिवार के कर्मचारी नारायण दास (48) के रूप में हुई थी। वहीं, परिवार का ड्राइवर सत्येंद्र पाठक गोली लगने से घायल हो गया था। शहर के बीचों-बीच हुई इस सामूहिक हत्या की घटना ने पूरे असम में सनसनी फैला दी थी।

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि इस गोलीबारी के पीछे होटल की संपत्ति के मालिकों और लीज पर उसे लेने वाले घनकांत गोगोई के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद था। विवाद मुख्य रूप से लीज एग्रीमेंट की शर्तों, किराए के भुगतान और संपत्ति के इस्तेमाल को लेकर था। पुलिस ने गोलीबारी के तुरंत बाद घनकांत को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से लाइसेंसी .32 बोर की पिस्तौल भी बरामद की गई थी। जांच अधिकारियों का मानना था कि इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया और होटल में मौजूद लोगों पर गोलियां चलाई गईं।

किराए और लीज की शर्तों को लेकर बढ़ा था विवाद

असम पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, भराली परिवार ने 10 सितंबर 2025 को घनकांत गोगोई के साथ पांच साल के लिए लीज एग्रीमेंट किया था। इस समझौते के तहत संपत्ति का मासिक किराया करीब 1.8 लाख रुपये तय किया गया था। समझौते के बाद घनकांत ने संपत्ति में मरम्मत और नवीनीकरण का काम कराया था। हालांकि, इसके बाद संपत्ति के इस्तेमाल, सुविधाओं की उपलब्धता और लीज की कुछ शर्तों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद पैदा हो गए। धीरे-धीरे यह विवाद बढ़ता चला गया और दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

पुलिस के बयान के मुताबिक, विवाद को सुलझाने के लिए 26 अक्टूबर को होटल में एक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया था। इस बैठक में संपत्ति से जुड़े मुद्दों और किराए सहित अन्य विवादित पहलुओं पर चर्चा होनी थी। हालांकि, बैठक शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान घनकांत गोगोई ने वहां मौजूद लोगों पर गोलियां चला दीं। इस हमले में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि परिवार का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।

2024 के बैंक धोखाधड़ी मामले में भी थी तलाश

घनकांत गोगोई की गिरफ्तारी केवल होटल गोलीकांड तक सीमित नहीं थी। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ शिवसागर में वर्ष 2024 से एक बैंक धोखाधड़ी का मामला भी लंबित था। इस मामले की शिकायत पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन प्रबंधक देबब्रत बुरागोहेन ने शिवसागर पुलिस थाने में दर्ज कराई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया ने बताया कि बैंक धोखाधड़ी के मामले की जांच पहले से जारी थी, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। उन्होंने बताया कि सोमवार रात उसे हिरासत में लिया गया और इसके बाद पुलिस टीम उसे पूछताछ के लिए शिवसागर लेकर जा रही थी। इसी यात्रा के दौरान गौरीसागर इलाके में हथियार छीनने और भागने की कथित कोशिश के बाद गोलीबारी की घटना हुई।

पुलिस मुठभेड़ की जांच के लिए छह सदस्यीय एसआईटी गठित

घनकांत गोगोई की मौत के बाद असम पुलिस ने पूरी घटना की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम इस बात की पड़ताल करेगी कि पुलिस वाहन से आरोपी को उतारने के बाद वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ और किन परिस्थितियों में गोली चलानी पड़ी। वहीं, घनकांत के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि यह हमला पहले से योजनाबद्ध था। परिवार ने मामले में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस बीच, गुवाहाटी में होटल के अंदर हुई पांच हत्याओं की जांच को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। घटना के कुछ ही दिनों बाद एसआईटी के तीन सदस्यों का गुवाहाटी से तबादला कर दिया गया था। इस घटनाक्रम ने जांच की निष्पक्षता और आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज कर दी है। सोमवार को पुलिस आरोपी को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच होटल गोलीकांड वाले घटनास्थल पर भी लेकर गई थी, जहां वारदात का क्रम दोबारा समझने और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की जांच करने की प्रक्रिया पूरी की गई थी।

फिलहाल घनकांत गोगोई की पुलिस फायरिंग में हुई मौत की जांच के लिए गठित एसआईटी अपनी पड़ताल कर रही है। एक तरफ पुलिस का कहना है कि आरोपी ने जांच अधिकारी का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की थी और घायल अधिकारी की जान बचाने के लिए गोली चलानी पड़ी, वहीं दूसरी तरफ परिवार ने इस पूरी कार्रवाई को सुनियोजित हमला बताया है। ऐसे में अब एसआईटी की जांच और सामने आने वाले साक्ष्य इस बात को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होंगे कि गौरीसागर में हुई इस घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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