भारतीय क्रिकेट जगत के भगवान कहे जाने वाले महान पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने उभरते हुए युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के संदर्भ में चयनकर्ताओं और प्रबंधकों को एक अहम सलाह दी है। सचिन का मानना है कि इतनी कम उम्र में कप्तानी या उप-कप्तानी जैसी भारी-भरकम जिम्मेदारियां सौंपना उचित नहीं है, बल्कि इस प्रतिभावान खिलाड़ी को बिना किसी जल्दबाजी के अपनी कला को निखारने और धीरे-धीरे आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। हाल ही में जब वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की टीम का उप-कप्तान नियुक्त किया गया, तो इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन ने इसे थोड़ा जल्दबाजी भरा कदम बताया। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस युवा खिलाड़ी को पहले लाल गेंद के क्रिकेट (रेड बॉल क्रिकेट) में अधिक से अधिक मुकाबले खेलने का मौका दिया जाना चाहिए ताकि उसका भविष्य मजबूत हो सके।
दरअसल, सचिन तेंदुलकर ने 3 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक लाइव आस्क-मी-एनीथिंग (सवाल-जवाब) सत्र के दौरान इन बातों का खुलासा किया। उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले ही वैभव सूर्यवंशी ने मास्टर ब्लास्टर का एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था, जब वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे कम उम्र में पदार्पण (डेब्यू) करने वाले खिलाड़ी बने थे। वैभव ने मात्र 15 वर्ष और 99 दिन की उम्र में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया, जबकि खुद सचिन तेंदुलकर ने 15 नवंबर 1989 को पाकिस्तान के खिलाफ कराची में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी और उस समय उनकी उम्र 16 वर्ष और 205 दिन थी।
बिहार से ताल्लुक रखने वाले युवा वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक और शानदार बल्लेबाजी से बहुत कम समय में ही वैश्विक क्रिकेट का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के चलते उन्हें राष्ट्रीय टी20 टीम में भी शामिल किया गया है, हालांकि टीम में शीर्ष क्रम पर जगह रिक्त न होने के कारण उन्हें प्लेइंग-11 में निरंतर मौके पाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर टीम इंडिया के मुख्य कोच और कप्तान श्रेयस अय्यर को कई बार आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा है, जबकि प्रबंधन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वैभव को अपने सही समय का इंतजार करना होगा क्योंकि फिलहाल ओपनिंग स्लॉट पूरी तरह भरा हुआ है।
भले ही वैभव को अभी नियमित तौर पर अंतिम ग्यारह में जगह न मिल पा रही हो, फिर भी उन्हें भारतीय क्रिकेट का उज्ज्वल भविष्य और एक उभरता हुआ सितारा माना जा रहा है। टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से लगातार स्क्वॉड का हिस्सा बना रहा है और मौका मिलने पर मैदान पर उतारता भी है। अब तक वैभव को 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अनुभव मिल चुका है, जिसमें उन्होंने 30 की औसत से 295 रन बनाए हैं और इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक भी निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 81 रन है। इसके अतिरिक्त, वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 11 और लिस्ट ‘ए’ मुकाबलों में 13 मैच खेल चुके हैं। साथ ही, आगामी दोहा ‘राइजिंग स्टार एशिया कप 2026’ के लिए उन्हें इंडिया ‘ए’ टीम में भी चुना गया है, जिसकी कमान तिलक वर्मा संभालेंगे।
इसी रेडिट चैट के दौरान जब सचिन तेंदुलकर से वर्तमान समय के उनके पसंदीदा विदेशी बल्लेबाजों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इंग्लैंड के धुरंधर बल्लेबाज हैरी ब्रूक, अनुभवी जो रूट और ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ का विशेष रूप से उल्लेख किया। जो रूट के शानदार टेस्ट रिकॉर्ड और रूट द्वारा सचिन के प्रति व्यक्त किए गए सम्मान पर बात करते हुए मास्टर ब्लास्टर ने इंग्लिश बल्लेबाज की जमकर प्रशंसा की। सचिन ने कहा कि उन्होंने हमेशा जो रूट को एक उच्च कोटि का बल्लेबाज माना है और उनके पहले टेस्ट मैच को देखकर ही उन्हें यह आभास हो गया था कि यह खिलाड़ी भविष्य में क्रिकेट जगत में बहुत ऊंचे मुकाम हासिल करेगा।








