नई दिल्ली। प्रसिद्ध एफएमसीजी (FMCG) कंपनी डाबर इंडिया ने बुधवार को अपने ग्लोबल मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मोहित मल्होत्रा के इस्तीफे की औपचारिक घोषणा की। तीन दशकों से भी अधिक समय तक डाबर के साथ जुड़े रहने के बाद मोहित मल्होत्रा ने विदेश में एक नई नेतृत्व भूमिका संभालने के लिए अपने पद से त्यागपत्र दिया है। उनका इस्तीफा 13 नवंबर 2026 से प्रभावी होगा। भारतीय उपभोक्ता सामान क्षेत्र की बड़ी कंपनियों में नेतृत्व स्तर पर हो रहे बदलावों के क्रम में यह इस्तीफा सामने आया है, जब कंपनियां कच्चे माल की बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चित मांग के बीच अपने मार्जिन को मजबूत करने में लगी हुई हैं।
डाबर के चेयरमैन मोहित बर्मन को मंगलवार (3 नवंबर) को भेजे गए अपने पत्र में मोहित मल्होत्रा ने लिखा कि वे 16 नवंबर 2026 से विदेश में एक नई नेतृत्व भूमिका स्वीकार कर रहे हैं और उनका मानना है कि करियर के इस मोड़ पर नई चुनौतियों को स्वीकार करने का यह बिल्कुल सही समय है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के अगस्त महीने में मल्होत्रा को पांच वर्षों के लिए यानी 30 जनवरी 2029 तक के लिए पुनः सीईओ नियुक्त किया गया था। इसके पश्चात इसी वर्ष फरवरी में उन्हें ग्लोबल सीईओ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जबकि हरजीत भल्ला डाबर के भारतीय परिचालन की कमान संभाल रहे हैं।
कंपनी ने फिलहाल मोहित मल्होत्रा के स्थान पर किसी अंतरिम सीईओ के नाम की घोषणा नहीं की है और न ही अभी तक उनकी नई अंतरराष्ट्रीय भूमिका के स्थान को स्पष्ट किया गया है। हालांकि, कंपनी ने जानकारी दी है कि वर्तमान पूर्णकालिक निदेशक पी. डी. नारंग समूह के व्यवसायों का मार्गदर्शन जारी रखेंगे और डाबर के अंतरराष्ट्रीय परिचालन की देखरेख करते रहेंगे, जो कंपनी के कुल राजस्व में 30% का योगदान देता है। डाबर ने अपने वित्तीय नतीजों में दूसरी तिमाही के दौरान उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन दर्ज करते हुए 5.06 अरब रुपये (लगभग 53.43 मिलियन डॉलर) का शुद्ध लाभ कमाया है, जो बीते वर्ष की तुलना में करीब 12% अधिक है। वहीं कंपनी का कुल राजस्व 12% बढ़कर 35.63 अरब रुपये हो गया है।








