Explore

Search

October 27, 2026 4:49 pm

लेटेस्ट न्यूज़

करवा चौथ 2026: मिट्टी या स्टील, किस करवे से करें पूजा? जानें पूजा के बाद करवे का क्या करें

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

सुहागिनों का पावन पर्व करवा चौथ इस साल 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। पति-पत्नी के रिश्ते में संतुलन, खुशहाली और लंबी उम्र की कामना के लिए रखे जाने वाले इस व्रत का सुहागनों के जीवन में विशेष महत्व है। करवा चौथ की पूजा को लेकर महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि पूजा के दौरान मिट्टी के करवे का इस्तेमाल किया जाए या स्टील के करवे का? वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, करवा चौथ पर किस प्रकार के करवे से पूजा करना सबसे अधिक फलदायी माना जाता है, आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, करवा चौथ के व्रत में मिट्टी के करवे से पूजा करना और चंद्रमा को अर्घ्य देना सबसे उत्तम और विधान सम्मत माना गया है। ‘करवा’ शब्द का अर्थ मिट्टी का छोटा घड़ा होता है, जो सीधे तौर पर पृथ्वी तत्व का प्रतीक है।

वास्तु के अनुसार, मिट्टी का स्वभाव जीवन में ठहराव और मजबूती प्रदान करना है। यही वजह है कि मिट्टी के करवे से पूजा करने से दांपत्य जीवन में मजबूती और स्थिरता आती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता सीता और महारानी द्रौपदी ने भी अपने वैवाहिक जीवन में प्रेम और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिट्टी के करवे का ही उपयोग किया था। इसके अलावा, करवे की टूंटी को भगवान गणेश की सूंड का स्वरूप माना जाता है, जिसकी पूजा करने से घर के सारे संकट दूर होते हैं।

आजकल चलन में स्टील, पीतल या अन्य धातुओं के करवे भी आने लगे हैं, लेकिन वास्तु के दृष्टिकोण से प्लास्टिक, स्टील या लोहे के बर्तनों से पूजा करना वर्जित माना गया है, क्योंकि इनसे नकारात्मकता बढ़ सकती है। हालांकि, यदि मिट्टी का करवा उपलब्ध न हो, तो केवल तांबे या पीतल के पात्र का उपयोग किया जा सकता है। पूजा संपन्न होने के बाद पुराने या इस्तेमाल किए गए मिट्टी के करवे को घर में संभालकर रखना पूरी तरह वर्जित माना गया है।

शास्त्रों के अनुसार, हर साल करवा चौथ पर नए मिट्टी के करवे का ही इस्तेमाल करना चाहिए। व्रत के अगले दिन करवे का विसर्जन किसी पवित्र नदी या बहते जल में कर देना चाहिए। यदि आसपास कोई जल स्रोत न हो, तो इसे किसी पवित्र पेड़ जैसे पीपल या बरगद की छांव में आदरपूर्वक रख देना चाहिए ताकि घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास न हो। इसके साथ ही, करवे में रखे अनाज के कुछ दानों को अपनी तिजोरी या अन्न भंडार में रखने से साल भर बरकत बनी रहती है।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर