नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे टेंडर घोटाले (आईआरसीटीसी होटल केस) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की याचिका पर प्रवर्त्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर उसका जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने निचली अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली लालू यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए ईडी को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को तय की है।
उल्लेखनीय है कि 10 सितंबर को दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। हालांकि, विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने लालू यादव के दामाद राहुल यादव सहित सात लोगों को राहत देते हुए बरी कर दिया था। इस मामले में लारा प्रोजेक्ट्स, सरला गुप्ता, प्रेमचंद गुप्ता, सुजाता होटल्स, विनय कोचर और विजय कोचर जैसे नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल हैं।
आरजेडी सुप्रीमो पर आरोप है कि उन्होंने रेल मंत्री रहने के दौरान आईआरसीटीसी के नियंत्रण वाले रांची और पुरी स्थित दो होटलों के रखरखाव तथा संचालन का टेंडर नियमों को ताक पर रखकर कोचर बंधुओं की सुजाता होटल्स कंपनी को हस्तांतरित किया था। सीबीआई द्वारा दर्ज मूल एफआईआर के आधार पर ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। इससे पहले, राऊज एवेन्यू कोर्ट सीबीआई से जुड़े भ्रष्टाचार के मुख्य मामले में भी लालू यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर चुकी है।








