Explore

Search

June 3, 2026 11:08 am

ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर बोला हमला, जवाब में अमेरिका ने क़ेशम द्वीप को बनाया निशाना

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव ने नया मोड़ ले लिया है, जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों में मौजूद अमेरिकी परिसंपत्तियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक महत्व वाले क़ेशम द्वीप पर जवाबी कार्रवाई करते हुए कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

ईरान का दावा – अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमला

ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC ने अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े (Fifth Fleet) के मुख्यालय, एक एयरबेस और अन्य सैन्य लक्ष्यों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले किए। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा क़ेशम द्वीप के दक्षिण में स्थित एक संचार टावर पर किए गए हमले के जवाब में की गई। ईरान ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां जारी रखीं तो और भी कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी।

अमेरिका का पलटवार, क़ेशम द्वीप पर हवाई हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि उसने “आत्मरक्षा” के तहत क़ेशम द्वीप पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इन हमलों का उद्देश्य ईरानी ड्रोन, मिसाइल नियंत्रण केंद्रों और सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाना था, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी और सहयोगी देशों के खिलाफ हमलों में किया जा रहा था।

क़ेशम द्वीप सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास स्थित है और ईरान की कई सैन्य सुविधाएं यहां मौजूद हैं। अमेरिकी कार्रवाई के बाद द्वीप के कई हिस्सों में विस्फोटों की खबरें सामने आईं।

क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा चिंताएं

ईरानी हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। अमेरिकी और सहयोगी वायु रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि अधिकांश हमले अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर मंडरा रहा खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है तो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज़ जलडमरूमध्य प्रभावित हो सकता है। ईरान पहले भी चेतावनी दे चुका है कि क्षेत्र की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली किसी भी कार्रवाई की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इससे वैश्विक तेल बाजारों में भी चिंता बढ़ गई है और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है।

शांति वार्ता पर संकट

इन ताजा हमलों ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों को भी झटका दिया है। दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और संघर्ष विराम को बनाए रखने के प्रयास जारी हैं, लेकिन लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों के कारण हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष संयम नहीं बरतते हैं तो यह टकराव पूरे पश्चिम एशिया को एक बड़े संकट की ओर धकेल सकता है।

फिलहाल क़ेशम द्वीप पर अमेरिकी हमलों और उसके बाद ईरान की प्रतिक्रिया ने यह साफ कर दिया है कि क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील हैं और आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर