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October 10, 2026 4:08 pm

IPS अधिकारियों को प्रमोशन पाने के लिए करने होंगे AI समेत कई कोर्स, गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला

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भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों के लिए प्रमोशन और वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव की खबर सामने आई है। गृह मंत्रालय की नई व्यवस्था के तहत अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ChatGPT, साइबर सिक्योरिटी समेत कई विषयों पर निर्धारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। इन कोर्स को अधिकारियों की वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट (APAR) से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाना और उन्हें आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए तैयार करना है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, IPS अधिकारियों के लिए कुल 24 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम निर्धारित किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों को अधिकारियों की सेवा अवधि के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। प्रत्येक श्रेणी में छह कोर्स शामिल हैं, जिनमें से तीन अनिवार्य होंगे। अधिकारियों को अपनी संबंधित श्रेणी के अनुसार निर्धारित पाठ्यक्रम पूरे करने होंगे। इन कोर्स में उनके प्रदर्शन और प्रशिक्षण पूरा करने की जानकारी को वार्षिक मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ChatGPT जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स के अलावा साइबर सिक्योरिटी, साक्ष्य आधारित नीति निर्माण और प्रभावी संवाद जैसे विषयों पर भी ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) कानून के तहत तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण भी महत्वपूर्ण विषयों में शामिल है। इन पाठ्यक्रमों का मकसद अधिकारियों को तकनीकी जानकारी देने के साथ-साथ जांच, प्रशासनिक निर्णय और कानून लागू करने की प्रक्रिया में अधिक सक्षम बनाना है।

अधिकारियों के लिए ये कोर्स iGOT कर्मयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। यह केंद्र सरकार का ऑनलाइन प्रशिक्षण मंच है, जहां सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग विषयों पर क्षमता विकास से जुड़े पाठ्यक्रम उपलब्ध होते हैं। डिजिटल माध्यम से प्रशिक्षण मिलने के कारण अधिकारी अपनी सुविधा और निर्धारित समय के अनुसार कोर्स पूरा कर सकेंगे।

इस बदलाव को पुलिस व्यवस्था में तकनीक और कौशल विकास की बढ़ती भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है। मौजूदा समय में साइबर अपराध, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और डिजिटल साक्ष्यों से जुड़े मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में पुलिस अधिकारियों के लिए आधुनिक तकनीकों की जानकारी होना महत्वपूर्ण है। AI आधारित टूल्स और साइबर सुरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण अधिकारियों को नई चुनौतियों को समझने तथा जांच और प्रशासनिक कार्यों में बेहतर तरीके से तकनीक का इस्तेमाल करने में मदद कर सकता है।

वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट सरकारी अधिकारियों के करियर और सेवा संबंधी निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में प्रशिक्षण को APAR से जोड़ने के बाद निर्धारित पाठ्यक्रमों को समय पर पूरा करना IPS अधिकारियों के लिए अहम हो जाएगा। हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि केवल AI कोर्स पूरा करने से प्रमोशन मिल जाएगा या किसी एक कोर्स के अधूरे रहने पर हर स्थिति में प्रमोशन अपने आप रुक जाएगा। प्रमोशन से जुड़े निर्णय संबंधित सेवा नियमों और निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के अनुसार ही किए जाते हैं।

गृह मंत्रालय की इस पहल का व्यापक उद्देश्य IPS अधिकारियों को बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना और पुलिस प्रशासन में पेशेवर दक्षता को बढ़ावा देना है। यदि नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो अधिकारियों को पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीक, डिजिटल सुरक्षा और डेटा आधारित निर्णय लेने के क्षेत्रों में भी अपनी क्षमता विकसित करने का अवसर मिलेगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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