कांग्रेस पार्टी में दो सांसदों के बीच बस में हुए एक घटनाक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली में 1 नवंबर को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली से पहले कांग्रेस सांसद श्याम कुमार बर्वे और चंद्रपुर की सांसद प्रतिभा धानोरकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में श्याम कुमार बर्वे, प्रतिभा धानोरकर के गाल पर हाथ मारते नजर आ रहे हैं। इसके बाद कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को ईमेल भेजकर इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग किए जाने की खबर सामने आई।
वायरल हो रहा वीडियो करीब 10 सेकंड का बताया जा रहा है। इसमें कांग्रेस के कई सांसद बस में बैठे दिखाई देते हैं। इसी दौरान रामटेक से सांसद श्याम कुमार बर्वे अपनी सीट के पास बैठीं चंद्रपुर की सांसद प्रतिभा धानोरकर के गाल पर हाथ मारते नजर आते हैं। वीडियो में शुरुआत में प्रतिभा धानोरकर कोई खास प्रतिक्रिया नहीं देतीं, लेकिन बाद में वह बर्वे की तरफ देखती दिखाई देती हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की रैली में शामिल होने जा रहे सांसदों के सफर के दौरान बनाया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को ईमेल भेजा। महाराष्ट्र के पार्टी प्रभारी सिरीवेला प्रसाद को भी शिकायत भेजे जाने की जानकारी सामने आई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक महिला सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार पार्टी की छवि को प्रभावित कर सकता है। पत्र में संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और महिला नेताओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की मांग की गई।
विवाद बढ़ने के बाद सांसद प्रतिभा धानोरकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने श्याम कुमार बर्वे को अपना बड़े भाई जैसा बताया और कहा कि बस में जो कुछ हुआ, वह आपसी हंसी-मजाक के दौरान हुआ था। उन्होंने इस तरह की खबरों को बेवजह विवाद बढ़ाने वाला बताया। प्रतिभा धानोरकर ने यह भी सवाल उठाया कि शिकायत करने वाला व्यक्ति कौन है और उसके पास अधिकृत शिकायत की क्या जानकारी है। उन्होंने कहा कि बिना पूरी सच्चाई जाने किसी महिला सांसद को बदनाम करना उचित नहीं है।
दूसरी तरफ, सांसद श्याम कुमार बर्वे ने भी इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि प्रतिभा धानोरकर उनकी छोटी बहन जैसी हैं और दोनों के बीच हंसी-मजाक चल रहा था। इसी दौरान यह घटना हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधियों ने आंदोलन को बदनाम करने के लिए गलत नैरेटिव तैयार किया है। बर्वे ने ईमेल के जरिए शिकायत भेजे जाने पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि शिकायत फर्जी तरीके से भेजी गई है।
इस पूरे मामले में एक तरफ पार्टी के कुछ पदाधिकारियों की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं दोनों सांसद इसे आपसी हंसी-मजाक का हिस्सा बता रहे हैं। प्रतिभा धानोरकर ने भी कहा है कि उनकी तरफ से कोई शिकायत नहीं की गई है। फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व की ओर से किसी आधिकारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई की पुष्टि सामने नहीं आई है। अब सबकी नजर पार्टी हाईकमान के अगले कदम पर टिकी है।








