हैदराबाद। बेहतर रोजगार और उज्ज्वल भविष्य का सपना लेकर विदेश गई हैदराबाद की एक महिला की जिंदगी ओमान में कथित तौर पर दर्द और प्रताड़ना का पर्याय बन गई है। महिला ने आरोप लगाया है कि उससे दिन-रात काम कराया जा रहा है, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और उसे न तो पर्याप्त आराम दिया जाता है और न ही बाहर निकलने की आजादी। हालात इतने खराब हो गए हैं कि अब उसने भारत सरकार और भारतीय दूतावास से सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई है।
महिला का कहना है कि वह बेहतर नौकरी और अच्छी कमाई की उम्मीद में ओमान गई थी, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसके साथ किए गए वादे पूरी तरह झूठे साबित हुए। उसने आरोप लगाया कि जिस काम और सुविधाओं का आश्वासन दिया गया था, वास्तविक स्थिति उससे बिल्कुल अलग निकली। महिला के मुताबिक, उससे लगातार 24 घंटे तक काम कराया जाता है और मामूली गलती होने पर डांट-फटकार के साथ मानसिक दबाव बनाया जाता है।
महिला ने यह भी दावा किया कि उसे पर्याप्त भोजन और आराम नहीं मिल रहा है। कई बार बीमार होने के बावजूद उसे काम करने के लिए मजबूर किया गया। उसने आरोप लगाया कि उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है और उसे अपने परिवार से भी खुलकर बात करने का मौका नहीं मिलता। उसका कहना है कि वह लगातार भय और तनाव के माहौल में रह रही है।
बताया जा रहा है कि महिला ने किसी तरह अपने परिजनों तक अपनी आपबीती पहुंचाई। इसके बाद परिवार ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की अपील की। महिला ने एक वीडियो संदेश और अन्य माध्यमों से भी भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाई है। उसने कहा कि उसकी जान को खतरा है और उसे जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए।
महिला के परिजनों का कहना है कि एजेंट ने उन्हें आकर्षक वेतन और बेहतर कार्य परिस्थितियों का भरोसा दिलाया था। लेकिन ओमान पहुंचने के बाद महिला की स्थिति पूरी तरह बदल गई। परिवार ने संबंधित एजेंट की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है ताकि भविष्य में कोई और ऐसी धोखाधड़ी का शिकार न हो।
विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले भारतीय नागरिकों के साथ कथित शोषण और प्रताड़ना के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश जाने से पहले सरकारी मान्यता प्राप्त भर्ती एजेंसियों के माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए और रोजगार अनुबंध की सभी शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। साथ ही, भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के आपातकालीन संपर्क नंबर अपने पास रखना भी जरूरी है।
फिलहाल महिला की सुरक्षित वापसी को लेकर उसके परिवार की चिंता बढ़ी हुई है। परिजन लगातार भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों से संपर्क में हैं और जल्द कार्रवाई की उम्मीद जता रहे हैं। सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि भारतीय मिशन इस मामले में क्या कदम उठाता है और महिला को कब सुरक्षित भारत वापस लाया जा सकेगा।
नोट: महिला के आरोप सामने आए हैं। संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्वतंत्र पुष्टि होने की प्रतीक्षा है।








