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November 1, 2026 6:34 pm

सिर्फ 20 मिनट में 60 हजार करोड़ की डिजिटल चोरी! कैसे अंजाम दी गई इतिहास की सबसे बड़ी लूट?

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क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में एक ऐसी साइबर चोरी सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया के डिजिटल वित्तीय बाजार में हलचल मचा दी है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंजों में शामिल Binance पर हुए साइबर हमले में करीब 6.36 अरब डॉलर यानी 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक की डिजिटल संपत्ति प्रभावित हुई। हैरानी की बात यह है कि चोरी की गई अधिकांश रकम महज 20 मिनट के भीतर अलग-अलग डिजिटल नेटवर्क पर ट्रांसफर कर दी गई। इस घटना को क्रिप्टोकरेंसी के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी बताया जा रहा है।

यह मामला 29 अक्टूबर 2026 को सामने आया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने Binance के डिजिटल वॉलेट और आंतरिक तकनीकी सिस्टम को निशाना बनाया। ब्लॉकचेन पर होने वाले लेन-देन की निगरानी करने वाली अमेरिकी कंपनी TRM Labs के अनुसार, करीब 6.36 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी को 10 अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क पर ट्रांसफर किया गया। इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ज्यादातर ट्रांजैक्शन लगभग 20 मिनट में पूरे हो गए।

एक कर्मचारी के लैपटॉप से शुरू हुई सेंधमारी

Binance की शुरुआती जांच में सामने आया कि इस साइबर हमले की शुरुआत कंपनी के एक कर्मचारी के लैपटॉप से हुई हो सकती है। बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारी DevOps इंजीनियर था, जिसका काम कंपनी के तकनीकी सिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को संभालना था।

जांच के मुताबिक, कर्मचारी के लैपटॉप तक अनधिकृत पहुंच हासिल करने के बाद हमलावर कंपनी के आंतरिक सिस्टम तक पहुंचने में सफल हुए। इसके बाद उन्होंने ऐसे ट्रांजैक्शन शुरू किए, जिनके जरिए बड़ी मात्रा में क्रिप्टोकरेंसी अलग-अलग डिजिटल वॉलेट में भेज दी गई।

इस हमले की तैयारी भी अचानक नहीं हुई थी। TRM Labs के अनुसार, हमलावरों ने कथित तौर पर कम से कम 36 घंटे पहले से इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। यानी 20 मिनट में हुई इस बड़ी चोरी के पीछे काफी पहले से बनाई गई योजना होने की आशंका है।

60 हजार करोड़ की रकम में से कितना पैसा बचाया गया?

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि आखिर चोरी हुई इतनी बड़ी रकम में से कितनी क्रिप्टोकरेंसी को वापस सुरक्षित किया जा सका है। Binance के मुताबिक, ब्लॉकचेन और अन्य सहयोगी कंपनियों की मदद से करीब 3 अरब डॉलर यानी लगभग 29 हजार करोड़ रुपये की डिजिटल संपत्ति फ्रीज कराई जा चुकी है।

फ्रीज करने का मतलब है कि संबंधित डिजिटल संपत्ति को फिलहाल आगे ट्रांसफर या इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। हालांकि, बाकी करीब 3.3 अरब डॉलर यानी 31-32 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति का पूरा हिसाब अभी जांच के दायरे में है।

इस कार्रवाई में Tether, Circle और Ripple जैसी कंपनियों ने भी सहयोग किया। इन कंपनियों ने अपने नेटवर्क पर मौजूद कुछ संदिग्ध डिजिटल टोकन को फ्रीज करने में मदद की।

उत्तर कोरिया के हैकर समूह पर शक

इस साइबर हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। हालांकि, ब्लॉकचेन सुरक्षा और जांच से जुड़ी कंपनियों ने उत्तर कोरिया से जुड़े कथित हैकर समूहों की भूमिका की आशंका जताई है।

TRM Labs और Chainalysis के विश्लेषण में इस हमले के कुछ तरीके उत्तर कोरिया से जुड़े पुराने साइबर हमलों से मिलते-जुलते बताए गए हैं। TraderTraitor नामक समूह का नाम भी सामने आया है। इससे पहले फरवरी 2025 में Bybit क्रिप्टो एक्सचेंज पर हुए बड़े साइबर हमले में भी उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों की भूमिका बताई गई थी।

हालांकि, Binance ने अभी तक किसी देश या हैकर समूह को सीधे तौर पर इस हमले के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। मामले की जांच जारी है।

Binance ने ग्राहकों को क्या भरोसा दिया?

इतनी बड़ी रकम प्रभावित होने के बाद दुनिया भर के निवेशकों की चिंता बढ़ गई। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल था कि क्या उनके क्रिप्टो अकाउंट में रखी संपत्ति सुरक्षित है और क्या वे अपना पैसा निकाल पाएंगे?

Binance ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि उनके जमा एसेट सुरक्षित हैं और साइबर हमले से होने वाले नुकसान की भरपाई कंपनी अपने संसाधनों से करेगी। इसके लिए कंपनी के पास SAFU (Secure Asset Fund for Users) नाम का आपातकालीन सुरक्षा फंड भी है।

कंपनी ने सुरक्षा जांच के दौरान कुछ लेन-देन और निकासी सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए। हालांकि, सेवाओं को दोबारा सामान्य करने को लेकर निवेशकों की नजर कंपनी की घोषणाओं पर बनी हुई है।

भारत के क्रिप्टो निवेशकों पर क्या होगा असर?

Binance का इस्तेमाल भारत समेत दुनिया के कई देशों में क्रिप्टोकरेंसी खरीदने और बेचने के लिए किया जाता है। ऐसे में इस साइबर हमले ने भारतीय निवेशकों की चिंता भी बढ़ा दी है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस घटना से कितने भारतीय उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत डिजिटल संपत्ति प्रभावित हुई है। Binance ने ग्राहकों की संपत्ति सुरक्षित होने का दावा किया है, लेकिन वास्तविक स्थिति को लेकर जांच के नतीजे अहम होंगे।

भारत में इससे पहले जुलाई 2024 में क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX पर भी बड़ा साइबर हमला हुआ था। उस घटना में करीब 23 करोड़ डॉलर की डिजिटल संपत्ति चोरी हुई थी। इसके बाद कई निवेशकों की संपत्ति लंबे समय तक प्रभावित रही।

डिजिटल दुनिया के लिए बड़ा सबक

Binance पर हुआ यह साइबर हमला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल वित्तीय प्लेटफॉर्म कितने बड़े साइबर जोखिम का सामना कर सकते हैं। दुनिया भर में क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल बढ़ने के साथ साइबर अपराधियों के हमले भी अधिक जटिल होते जा रहे हैं।

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस चोरी को अंजाम देने में महीनों की कमाई के बराबर संपत्ति शामिल थी, उसका बड़ा हिस्सा महज 20 मिनट में अलग-अलग डिजिटल नेटवर्क पर पहुंच गया। फिलहाल जांच एजेंसियां हमले के पीछे शामिल लोगों की पहचान करने, डिजिटल संपत्ति का पता लगाने और बची हुई रकम को सुरक्षित करने में जुटी हैं।

नोट: 60 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा शुरुआती जांच में प्रभावित डिजिटल संपत्ति का अनुमान है। इसे अंतिम रूप से प्रमाणित नुकसान नहीं माना जाना चाहिए।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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