नई दिल्ली, 12 जुलाई 2026: बहाई धर्म के संस्थापक बहाउल्लाह की कुछ भविष्यवाणियां आज के दौर में फिर से चर्चा का विषय बन गई हैं। परमाणु हथियारों के विनाश, विश्व युद्ध, नैतिक पतन और कलयुग जैसे अंतिम समय की घटनाओं से जुड़ी इन भविष्यवाणियों को पढ़कर कई लोग रोंगटे खड़े कर लेते हैं।
बहाउल्लाह (1817-1892) ने 19वीं शताब्दी में ही ऐसी घटनाओं का उल्लेख किया था जो आज की दुनिया से काफी मेल खाती दिख रही हैं। उनकी कुछ प्रमुख भविष्यवाणियां निम्नलिखित हैं:
मुख्य भविष्यवाणियां:
- परमाणु विनाश की चेतावनी: बहाउल्लाह ने लिखा था कि मानवता ऐसे हथियारों का आविष्कार करेगी जो पूरी पृथ्वी को नष्ट कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि “आग का ऐसा स्तंभ” आएगा जो आकाश को चीर देगा।
- विश्व युद्ध और अराजकता: उन्होंने दो बड़े विश्व युद्धों की भविष्यवाणी की थी, जिसमें लाखों लोग मारे जाएंगे और दुनिया अराजकता में डूब जाएगी।
- कलयुग का अंत और नया युग: उन्होंने बताया कि नैतिक पतन, धर्मों का ह्रास और सामाजिक अराजकता के बाद एक नया आध्यात्मिक युग शुरू होगा, जिसमें मानव एकता, शांति और न्याय स्थापित होगा।
- पर्यावरण संकट: उन्होंने प्रकृति के विनाश और जलवायु परिवर्तन जैसी स्थितियों का भी संकेत दिया था।
बहाई विद्वानों का कहना है कि बहाउल्लाह की ये भविष्यवाणियां चेतावनी के रूप में हैं, ताकि मानवता समय रहते सही रास्ता चुन सके।
वर्तमान संदर्भ
आज परमाणु हथियारों की दौड़, बढ़ते युद्ध, पर्यावरण संकट और नैतिक मूल्यों के ह्रास को देखते हुए कई लोग इन भविष्यवाणियों को प्रासंगिक मान रहे हैं। बहाई समुदाय इन शिक्षाओं के माध्यम से विश्व शांति, एकता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है।
“बहाउल्लाह की शिक्षाएं डराने के लिए नहीं, बल्कि मानवता को जागरूक करने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए हैं।”







