Explore

Search

October 25, 2026 6:33 pm

लेटेस्ट न्यूज़

पूरी नींद लेने के बाद भी सुबह महसूस होती है थकान? शरीर में इन पोषक तत्वों की कमी हो सकती है वजह

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

रात में सात से नौ घंटे की नींद लेने के बावजूद अगर सुबह उठते ही शरीर में थकान, कमजोरी और सुस्ती महसूस होती है, तो इसे केवल नींद की कमी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी इसकी वजह हो सकती है। खासतौर पर आयरन और विटामिन बी12 की कमी के कारण व्यक्ति को पर्याप्त आराम करने के बाद भी ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। हालांकि, लगातार थकान बने रहने के पीछे खराब नींद, मानसिक तनाव, थायरॉइड से जुड़ी समस्या या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि लक्षणों को समझने के साथ उनकी वास्तविक वजह का पता लगाया जाए।

आयरन की कमी से हो सकती है कमजोरी और सुस्ती

शरीर में आयरन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यह हीमोग्लोबिन के निर्माण में मदद करता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एक प्रोटीन है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर उसे शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों तक पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में आयरन की पर्याप्त मात्रा नहीं होती, तो हीमोग्लोबिन का निर्माण प्रभावित हो सकता है। इसके कारण शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने में परेशानी होती है और व्यक्ति थकान तथा कमजोरी महसूस करने लगता है।

आयरन की कमी होने पर सुबह उठते ही सुस्ती महसूस होने के अलावा चक्कर आना, सिरदर्द, सांस फूलना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में बाल झड़ने और शारीरिक क्षमता कम होने की समस्या भी सामने आती है। महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव, भोजन में आयरन की अपर्याप्त मात्रा या शरीर से रक्त की अन्य वजहों से होने वाली हानि इस कमी का कारण बन सकती है।

इस समस्या से बचाव के लिए भोजन में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना उपयोगी है। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना और अन्य आयरन युक्त खाद्य पदार्थ शरीर की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही, भोजन के साथ विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां लेने से पौधों से मिलने वाले आयरन का अवशोषण बेहतर हो सकता है। यदि आयरन की कमी की आशंका हो, तो जांच कराना जरूरी है, क्योंकि केवल खानपान में बदलाव हर स्थिति में पर्याप्त नहीं होता।

विटामिन बी12 की कमी भी बन सकती है थकान का कारण

विटामिन बी12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इसकी कमी होने पर व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में हाथ-पैरों में झनझनाहट, चक्कर आना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और जीभ में दर्द या जलन जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। लंबे समय तक इस विटामिन की कमी रहने पर नसों से संबंधित समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

विटामिन बी12 मुख्य रूप से दूध, दही, पनीर, अंडे और अन्य पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। जो लोग पूरी तरह शाकाहारी भोजन करते हैं, उनमें पर्याप्त बी12 प्राप्त करने के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। हालांकि, इसकी कमी केवल खानपान की वजह से ही नहीं होती। कुछ लोगों के शरीर में यह विटामिन भोजन से पर्याप्त मात्रा में अवशोषित नहीं हो पाता। पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं और कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल भी इसके स्तर को प्रभावित कर सकता है।

यदि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान बनी रहती है और इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर की सलाह से विटामिन बी12 के स्तर की जांच कराई जा सकती है। बिना जांच के खुद से विटामिन की दवाएं या सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है, क्योंकि पहले कमी की वजह और उसकी गंभीरता को समझना जरूरी होता है।

थकान दूर करने के लिए दिनचर्या और खानपान में करें सुधार

शरीर में ऊर्जा बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और अच्छी नींद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अपने रोजाना के भोजन में दालें, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दूध-दही और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और लंबे समय तक भूखे रहने से बचें। भोजन में विविधता रखने से शरीर को कई जरूरी विटामिन और खनिज प्राप्त करने में मदद मिलती है।

इसके साथ ही सोने और जागने का समय नियमित रखना भी जरूरी है। सोने से पहले मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कम करना, नियमित रूप से टहलना और अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करना नींद की गुणवत्ता सुधारने में सहायक हो सकता है। मानसिक तनाव को नियंत्रित करने के लिए आराम, ध्यान और अन्य उपयोगी गतिविधियों को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, इन उपायों के बावजूद थकान बनी रहने पर केवल जीवनशैली में बदलाव के भरोसे नहीं रहना चाहिए।

लगातार थकान को न करें नजरअंदाज

यह जरूरी नहीं है कि सुबह उठते ही थकान महसूस होने का कारण हर बार आयरन या विटामिन बी12 की कमी ही हो। थायरॉइड संबंधी विकार, एनीमिया, मानसिक तनाव, नींद की खराब गुणवत्ता और स्लीप एपनिया जैसी समस्याएं भी इसके पीछे हो सकती हैं। स्लीप एपनिया में सोते समय सांस बार-बार रुकने या बाधित होने के कारण नींद पूरी होने के बावजूद शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता।

यदि कई सप्ताह तक थकान बनी रहती है, दिनभर सुस्ती महसूस होती है या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होने लगती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक रक्त जांच और अन्य परीक्षणों के माध्यम से वास्तविक कारण का पता लगा सकते हैं। सही वजह की पहचान होने के बाद ही उचित उपचार और खानपान में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं। लगातार कमजोरी के साथ सांस फूलने, सीने में दर्द या बेहोशी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

आज फोकस में

राज्य निर्वाचन आयुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जयपुर जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण कर लिया व्यवस्थाओं का जायजा, किया मतदाताओं का उत्साहवर्धन

Read More »
Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर