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June 14, 2026 7:06 pm

डॉक्टरों की चेतावनी: कम नींद से अनियमित हो सकते हैं पीरियड्स, प्रेग्नेंसी में भी बढ़ सकता है खतरा

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन डॉक्टरों ने इसे महिलाओं की सेहत के लिए गंभीर चेतावनी बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कम नींद लेने से हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है, जिसका सीधा असर पीरियड्स और प्रेग्नेंसी पर पड़ता है।

डॉक्टरों के अनुसार, शरीर की प्राकृतिक बायोलॉजिकल घड़ी यानी सर्केडियन रिद्म नींद से जुड़ी होती है। जब यह रिद्म प्रभावित होता है, तो एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे महत्वपूर्ण हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे मासिक धर्म चक्र अनियमित हो सकता है और कई बार पीरियड्स समय पर नहीं आते या उनमें अधिक दर्द और असामान्यता देखने को मिलती है।

पीरियड्स पर असर

विशेषज्ञों का कहना है कि कम नींद लेने वाली महिलाओं में पीरियड्स की अवधि और चक्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं। कुछ मामलों में पीरियड्स देर से आते हैं, तो कुछ में बहुत जल्दी शुरू हो जाते हैं। लगातार ऐसा होने पर यह हार्मोनल असंतुलन का संकेत हो सकता है।

प्रेग्नेंसी पर खतरा

डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी है कि लंबे समय तक खराब नींद का असर महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर भी पड़ सकता है। नींद की कमी ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन) की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, जिससे गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान भी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।

तनाव और हार्मोन का कनेक्शन

नींद की कमी से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। यह हार्मोन न केवल मानसिक तनाव बढ़ाता है, बल्कि प्रजनन हार्मोन को भी प्रभावित करता है। लगातार तनाव और नींद की कमी मिलकर महिलाओं की सेहत पर गंभीर असर डाल सकते हैं।

डॉक्टरों की सलाह

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि महिलाओं को रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेनी चाहिए। सोने और जागने का समय नियमित रखना, सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन का उपयोग कम करना और शांत वातावरण में सोना बेहद जरूरी है।

साथ ही डॉक्टरों ने संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन को भी हार्मोनल स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया है।

निष्कर्ष

डॉक्टरों का कहना है कि नींद को नजरअंदाज करना धीरे-धीरे महिलाओं की प्रजनन और हार्मोनल सेहत पर बड़ा असर डाल सकता है। इसलिए समय रहते जीवनशैली में सुधार करना जरूरी है ताकि भविष्य में पीरियड्स और प्रेग्नेंसी से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सके।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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