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July 4, 2026 7:01 pm

गाजियाबाद में साइबर ठगी का प्रयास फेल, बैंकिंग सिस्टम की सतर्कता से बची 5 करोड़ की रकम

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गाजियाबाद में साइबर अपराधियों द्वारा की गई एक बड़ी ठगी की कोशिश समय रहते नाकाम हो गई। बैंकिंग सिस्टम और संबंधित सुरक्षा तंत्र की सतर्कता के चलते करीब 5 करोड़ रुपये की रकम साइबर ठगों के हाथों में जाने से बच गई। इस घटना के बाद बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था की सक्रियता की जमकर सराहना की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, साइबर ठगों ने एक सुनियोजित तरीके से बड़ी रकम को ट्रांसफर करने की कोशिश की थी। लेकिन संदिग्ध ट्रांजेक्शन की पहचान होते ही बैंक के सिस्टम ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया और प्रक्रिया को रोक दिया गया।


समय रहते रोकी गई बड़ी ठगी

बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला एक हाई-वैल्यू ट्रांजेक्शन से जुड़ा था, जिसमें साइबर अपराधियों ने तकनीकी तरीकों से खाते तक पहुंच बनाने की कोशिश की। हालांकि बैंक की ऑटोमेटेड फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम ने असामान्य गतिविधि को तुरंत पहचान लिया और ट्रांजेक्शन को होल्ड पर डाल दिया।

इसके बाद संबंधित खाताधारक और सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दी गई, जिससे समय रहते बड़ी आर्थिक हानि होने से बचाव हो सका।


बैंकिंग सिस्टम की सतर्कता की सराहना

इस घटना के बाद बैंकिंग सुरक्षा प्रणाली की सक्रियता और तेज प्रतिक्रिया की सराहना की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक बैंकिंग सिस्टम में मौजूद सुरक्षा तकनीकें अब बड़े साइबर फ्रॉड को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।


साइबर अपराध पर बढ़ती चिंता

हाल के वर्षों में देशभर में साइबर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। ठग नए-नए तरीकों से लोगों और संस्थानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल सतर्कता और सुरक्षा उपायों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।


पुलिस और साइबर सेल सक्रिय

घटना के बाद साइबर सेल और संबंधित एजेंसियों को भी जानकारी दी गई है। मामले की जांच की जा रही है कि ठगों ने किस तकनीक और नेटवर्क के जरिए इस बड़ी ठगी की कोशिश की थी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।


क्या है पूरा मामला?

गाजियाबाद में साइबर ठगों ने 5 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी की कोशिश की थी, लेकिन बैंकिंग सिस्टम की सतर्कता के कारण यह प्रयास विफल हो गया। संदिग्ध ट्रांजेक्शन को समय रहते रोक दिया गया और पूरी रकम सुरक्षित बचा ली गई। फिलहाल मामले की जांच साइबर सेल द्वारा जारी है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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