राजधानी में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने आज स्वयं मैदान में उतरकर सफाई अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर उन्होंने यमुना नदी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान की शुरुआत की और नागरिकों से इसमें सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम का आयोजन यमुना किनारे एक प्रमुख घाट क्षेत्र में किया गया, जहां बड़ी संख्या में नगर निगम कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू लगाकर सफाई अभियान की शुरुआत की और उपस्थित लोगों को स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान है। इसे प्रदूषण मुक्त रखना सरकार के साथ-साथ हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल और स्वस्थ पर्यावरण से वंचित होना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार यमुना की सफाई को लेकर कई स्तरों पर काम कर रही है, जिसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का आधुनिकीकरण, औद्योगिक अपशिष्ट पर नियंत्रण और नदी किनारे अतिक्रमण हटाने जैसे कदम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को तभी सफलता मिलेगी जब जनता सक्रिय रूप से इसमें भागीदारी निभाएगी।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन है। जब तक हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएगा, तब तक किसी भी नदी या शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता।”
अभियान के दौरान अधिकारियों ने यमुना नदी के विभिन्न प्रदूषित क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया और वहां सुधार के लिए तत्काल कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे एक सकारात्मक कदम बताया।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जन-भागीदारी वाले अभियान यमुना की स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, बशर्ते इन्हें निरंतरता के साथ लागू किया जाए।
अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कचरे का सही निपटान करें और नदी में किसी भी प्रकार का अपशिष्ट न डालें। उन्होंने भरोसा जताया कि सामूहिक प्रयासों से यमुना को फिर से निर्मल और जीवंत बनाया जा सकता है।








