नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की विवादित टिप्पणी के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस के खिलाफ अपना राजनीतिक अभियान तेज कर दिया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ शीर्षक से एक वीडियो सॉन्ग जारी किया है। इस गाने के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उन्हें मिलने वाले जनसमर्थन का संदेश देने के साथ कांग्रेस पर निशाना साधा गया है। वीडियो में प्रधानमंत्री की विभिन्न तस्वीरें दिखाई गई हैं और गीत के बोलों के माध्यम से विपक्ष की टिप्पणियों का जवाब देने की कोशिश की गई है। खरगे के बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दल सोशल मीडिया पर वीडियो, ग्राफिक्स और अन्य प्रचार सामग्री साझा करके एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं।
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने साझा किया वीडियो
‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ वीडियो सॉन्ग को बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के कई पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया पर साझा किया है। पार्टी नेताओं ने एक्स और इंस्टाग्राम जैसे मंचों पर वीडियो पोस्ट करके इस अभियान को आगे बढ़ाया। बीजेपी सांसद संबित पात्रा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी अपने-अपने एक्स खातों पर इस गीत का वीडियो साझा किया। पार्टी के कई नेताओं की ओर से एक साथ वीडियो साझा किए जाने को खरगे की टिप्पणी के खिलाफ बीजेपी के संगठित सोशल मीडिया अभियान के तौर पर देखा जा रहा है। इस गीत में प्रधानमंत्री मोदी की अलग-अलग तस्वीरों के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि विपक्ष की आलोचनाओं के बावजूद उनका राजनीतिक नेतृत्व कायम रहेगा।
गाने के बोल में कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना
बीजेपी के इस वीडियो सॉन्ग में बार-बार ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ पंक्ति दोहराई गई है। गीत के बोल में कहा गया है, “आंखें झुका लो, कान खोल के सुन लो, मोदी कहीं नहीं जाएगा।” इस पंक्ति के माध्यम से विपक्ष को चुनौती देने का प्रयास किया गया है। गाने में आगे कहा गया है कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी को झुकाने की कोशिश की, लेकिन शेर कभी नहीं झुकता और जनता का साथ मिलने पर उसकी रफ्तार नहीं रुकती। इन पंक्तियों के जरिए बीजेपी ने प्रधानमंत्री के प्रति जनता के समर्थन का संदेश देने की कोशिश की है।
गीत में विपक्ष पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि विपक्ष लगातार गालियां देता है, जबकि प्रधानमंत्री अपने काम के जरिए जवाब देते हैं। गाने में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री देश के विकास और बेहतर भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। इसके बोल में ‘कान खोल कर सुनो, ये देश मोदी का है, मोदी कहीं नहीं जाएगा’ जैसी पंक्तियां भी शामिल हैं। इस तरह गीत के माध्यम से बीजेपी ने खरगे की टिप्पणी का राजनीतिक जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को लेकर अपना संदेश जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
पटना में खरगे की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह पूरा विवाद रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनकी इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक बयान बताते हुए कांग्रेस पर हमला बोला, जिसके बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया।
खरगे की टिप्पणी के बाद बीजेपी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के समर्थन में अभियान चलाना शुरू किया। वहीं, कांग्रेस ने भी चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। दोनों दलों की ओर से वीडियो, ग्राफिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार सामग्री साझा की जा रही है। इस राजनीतिक टकराव में सोशल मीडिया प्रचार का महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। बीजेपी ने जहां ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ गीत के जरिए खरगे की टिप्पणी का जवाब देने की कोशिश की, वहीं कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने आरोपों को जनता तक पहुंचाने में जुटी है।
राहुल गांधी ने मोदी, अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगाए आरोप
इस बीच, कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया खाते पर राहुल गांधी का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देश में कथित ‘वोट चोरी’ में शामिल होने के आरोप लगाए। राहुल गांधी ने दावा किया कि ये लोग जनता से डरे हुए हैं और अंततः पकड़े जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने अपने आरोपों से संबंधित सबूत सार्वजनिक रूप से सामने रख दिए हैं और संबंधित लोग इससे बचकर कहीं नहीं जा सकते।
कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में गंभीर सवाल हैं, जिनका जवाब दिया जाना चाहिए। राहुल गांधी ने अपने वीडियो के माध्यम से इन्हीं आरोपों को दोहराते हुए केंद्र सरकार और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों पर सवाल उठाए। हालांकि, ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप हैं। इस मुद्दे पर बीजेपी की राजनीतिक प्रतिक्रिया और दोनों दलों के बीच जारी बयानबाजी ने विवाद को और व्यापक बना दिया है।
खरगे ने पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों पर भी लगाए आरोप
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट में मल्लिकार्जुन खरगे का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों पर कथित वोट चोरी के आरोप लगाए। खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएगी, उनकी पोल खोलेगी और उन्हें जेल भिजवाने के लिए प्रयास करेगी। कांग्रेस इन आरोपों को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर देख रही है और इस मुद्दे पर अपना अभियान जारी रखे हुए है।
कांग्रेस की ओर से जहां मतदाता सूचियों और कथित वोट चोरी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं बीजेपी खरगे की प्रधानमंत्री मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस को घेर रही है। दोनों दलों के बीच जारी राजनीतिक टकराव में अब सोशल मीडिया अभियान भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। बीजेपी का नया वीडियो सॉन्ग इसी रणनीति का हिस्सा है, जबकि कांग्रेस अपने नेताओं के वीडियो और बयानों के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों को प्रमुखता दे रही है।
एक नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्ष की ‘दिल्ली चलो’ रैली
बीजेपी और कांग्रेस के बीच यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में तेज हुई है, जब विपक्षी दलों के गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस यानी ‘इंडिया’ की एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘दिल्ली चलो’ रैली प्रस्तावित है। विपक्षी गठबंधन ने इस रैली को कथित वोट चोरी के खिलाफ अपनी बड़ी राजनीतिक लामबंदी के रूप में पेश किया है। गठबंधन का कहना है कि इस रैली के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा।
यह रैली मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की श्रृंखला का हिस्सा है। विपक्षी दल इन मुद्दों को लेकर सरकार और निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में रैली से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच बढ़ती बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। एक ओर बीजेपी ने ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’ वीडियो सॉन्ग के जरिए खरगे की टिप्पणी पर पलटवार किया है, तो दूसरी ओर कांग्रेस ने कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपना अभियान जारी रखा है। अब एक नवंबर को होने वाली रैली पर भी राजनीतिक दलों और जनता की नजरें टिकी हुई हैं।








