Explore

Search

September 10, 2026 2:53 pm

लाल सागर में हूतियों की बड़ी बढ़त! मोचा पर कब्जे के करीब पहुंचा ईरान समर्थित गुट, बाब-अल-मंदेब पर बढ़ा खतरा

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार समर्थित बलों के बीच संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। ईरान समर्थित हूती गुट लाल सागर के तट की ओर अपनी बढ़त बढ़ा रहा है और रणनीतिक शहर मोचा (अल-मोखा) तथा बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास दबाव बढ़ गया है। हालांकि, मोचा पर हूतियों के पूर्ण कब्जे की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बाब-अल-मंदेब पर क्यों बढ़ी चिंता?

बाब-अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री रास्ता है। इसके जरिए जहाज स्वेज नहर की ओर आते-जाते हैं, इसलिए यहां किसी भी बड़े सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

मोचा के आसपास बढ़ा सैन्य दबाव

रिपोर्टों के मुताबिक हूती लड़ाके पश्चिमी ताइज़ और आसपास के इलाकों में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। उनका लक्ष्य लाल सागर के तट तक पहुंचने और बाब-अल-मंदेब के आसपास रणनीतिक इलाकों पर प्रभाव बढ़ाने का बताया जा रहा है। दूसरी ओर, यमन सरकार से जुड़े बलों ने मोचा में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं।

फिर शुरू हो सकता है बड़ा संघर्ष

यमन में 2022 की संघर्षविराम व्यवस्था के बाद बड़े पैमाने की लड़ाई काफी हद तक थम गई थी, लेकिन 2026 में हालात फिर बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। हालिया लड़ाई को वर्षों में सबसे गंभीर सैन्य escalation में से एक बताया जा रहा है।

अगर हूती लाल सागर के तट पर अपनी पकड़ और मजबूत करते हैं, तो इसका असर सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहेगा। बाब-अल-मंदेब के आसपास बढ़ता तनाव वैश्विक शिपिंग, तेल परिवहन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

ताजा खबरों के लिए एक क्लिक पर ज्वाइन करे व्हाट्सएप ग्रुप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर