उत्तराखंड के मशहूर दयारा बुग्याल ट्रेक पर ट्रैकिंग के दौरान लापता हुई MBA छात्रा बबीता पांडे का मामला 19 दिनों बाद भी रहस्य बना हुआ है। लगातार चल रहे व्यापक सर्च ऑपरेशन के बावजूद अब तक छात्रा का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिवार, प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
इस बीच सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अफवाहें भी फैल रही हैं, जिनमें “परियों द्वारा ले जाने” जैसी अंधविश्वास से जुड़ी बातें भी शामिल हैं। हालांकि प्रशासन ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए लोगों से केवल आधिकारिक और वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
ट्रैकिंग पर गई थी छात्रा, अचानक हुई लापता
जानकारी के अनुसार, बबीता पांडे अपने कुछ साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई थीं, जो उत्तरकाशी जिले का एक लोकप्रिय लेकिन दुर्गम ट्रेकिंग स्थल है। बताया जा रहा है कि ट्रिप के दौरान 28-29 मई की रात वह कैंप साइट से अचानक लापता हो गईं। इसके बाद से ही उनका कोई पता नहीं चल सका है।
घटना के बाद तुरंत पुलिस, SDRF, NDRF, ITBP और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। शुरुआती दिनों से ही टीमों ने आसपास के जंगल, पहाड़ी रास्तों, खाइयों और संभावित मार्गों पर गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
दुर्गम इलाके में सर्च ऑपरेशन बना चुनौती
दयारा बुग्याल का इलाका ऊंचाई पर स्थित है और वहां का मौसम व भौगोलिक स्थिति बेहद कठिन मानी जाती है। इसी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
ड्रोन कैमरों, स्निफर डॉग्स और तकनीकी उपकरणों की मदद से कई दिनों तक सर्च किया गया, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल सकी है। कई संभावित स्थानों की बार-बार जांच के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच भी नाकाम
जांच में यह सामने आया था कि छात्रा की अंतिम मोबाइल लोकेशन कैंप साइट के आसपास ही मिली थी। इसी आधार पर कई दिनों तक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कोई निर्णायक परिणाम नहीं निकला।
तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी इनपुट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से भी जांच एजेंसियां किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाई हैं।
अफवाहों से बढ़ी चर्चा, प्रशासन ने किया खंडन
इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर “परियों ने ले लिया” जैसी अजीब और अपुष्ट अफवाहें भी फैल रही हैं, जिसने मामले को और अधिक रहस्यमय बना दिया है। स्थानीय स्तर पर भी कुछ लोग इन बातों को लेकर चर्चा कर रहे हैं।
हालांकि प्रशासन ने साफ कहा है कि ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा किया जाए, क्योंकि यह सर्च ऑपरेशन को प्रभावित कर सकता है।
परिवार की उम्मीदें और बढ़ती चिंता
लापता छात्रा के परिवार का कहना है कि वे हर दिन उम्मीद और चिंता के बीच जी रहे हैं। जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है। परिजन लगातार प्रशासन से सर्च ऑपरेशन तेज करने की मांग कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि जब तक बेटी का पता नहीं चलता, वे उम्मीद नहीं छोड़ेंगे।
अब भी सबसे बड़ा सवाल बरकरार
19 दिन बीत जाने के बाद भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि बबीता पांडे आखिर कहां हैं? क्या यह एक हादसा है, भटकने का मामला है या इसके पीछे कोई और कारण है—इसका जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है।
फिलहाल पूरा मामला रहस्य के बीच फंसा हुआ है और जांच एजेंसियां हर संभव एंगल से इसकी गहराई से जांच कर रही हैं।








