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July 15, 2026 9:38 am

ऑपरेशन विषवाहिनी – एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की नशे के कारोबार के खिलाफ एक और बड़ी सफलता

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जयपुर,  राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए बहुचर्चित ऑपरेशन विषवाहिनी में फरार चल रहे मुख्य सप्लायर मांगीलाल विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने तेलंगाना से प्रतिबंधित ब्रोमो केमिकल भेजने का झांसा देकर अपने ही तस्कर साथियों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी की और ड्रमों में ब्रोमो की जगह पीओपी (कैल्शियम सल्फेट) भरकर राजस्थान रवाना कर दिया। पूरे घटनाक्रम को पुलिस से छिपाने के बजाय आरोपी ने खुद ही मुखबिर के माध्यम से सूचना देकर टैंकर पकड़वाने की साजिश रची, ताकि उसकी ठगी का राज कभी सामने न आए।
     महानिरीक्षक पुलिस एएनटीएफ श्री विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशन में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मई-2026 में शुरू किए गए ऑपरेशन विषवाहिनी के दौरान नेशनल हाईवे-68 पर संदिग्ध ड्रमों से भरे टैंकर को पकड़ा गया था। इस मामले में पूर्व में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि मुख्य सप्लायर मांगीलाल फरार होकर हैदराबाद, चेन्नई, महाराष्ट्र, केरल और आंध्रप्रदेश में ठिकाने बदलता रहा। लगातार तकनीकी एवं मानवीय आसूचना के आधार पर आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दोस्तों से ऐठे 6.5 लाख, फिर खुद ही पुलिस से पकड़वा दिया माल —
     पूछताछ में सामने आया कि राजस्थान के सांचौर-बाड़मेर क्षेत्र के तस्करों ने हैदराबाद से प्रतिबंधित ब्रोमो केमिकल मंगवाने के लिए मांगीलाल से करीब 6.5 लाख रुपये की डील की थी। लेकिन ब्रोमो उपलब्ध नहीं होने पर आरोपी ने मात्र 3,750 रुपये की पीओपी खरीदकर ड्रमों में भर दी, उन पर ब्रोमो के स्टिकर चिपकाए और टैंकर के जरिए राजस्थान रवाना कर दिया। इतना ही नहीं, उसने ड्रम लोड करने का वीडियो भी बनवाया और वही वीडियो मुखबिर के जरिए पुलिस तक पहुंचा दिया, ताकि टैंकर रास्ते में ही पकड़ा जाए और तस्करों को यह लगे कि उनका माल पुलिस ने जब्त कर लिया है। इस तरह आरोपी ने न केवल पैसे ऐंठ लिए बल्कि अपनी धोखाधड़ी का भेद भी छिपाने की कोशिश की।
10 रुपये के नोट से हुआ था हवाला का लेनदेन —
मांगीलाल ने पैसे मंगवाने के लिए शातिर तरीका अपनाया। उसने हैदराबाद में बैठे अपने चाचा के जरिए 10 रुपये के एक नोट की फोटो मंगवाई और उसे सांचौर के तस्करों को भेज दिया। सांचौर के तस्कर ने वहां के स्थानीय हवाला कारोबारी को पैसे दिए और मांगीलाल के चाचा ने हैदराबाद में वही 10 रुपये का टोकन नोट दिखाकर हवाला ऑपरेटर से पैसे प्राप्त कर लिए। इसी तरह 1 रुपये और 10 रुपये के नोटों के सीरियल नंबरों का खेल रचकर सांचौर से हैदराबाद तक लाखों की रकम पहुंचाई गई।
    एएनटीएफ की दो विशेष टीमों ने हैदराबाद में पीओपी व्यापारियों, टैंकर संचालकों और हवाला कारोबारियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं, जिसके बाद मुख्य आरोपी तक पहुंचना संभव हो सका।
   आईजीपी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। उसके डिजिटल विश्लेषण से तस्करी नेटवर्क, हवाला लेन-देन और अन्य राज्यों में सक्रिय गिरोहों से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना है। मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और प्रकरण में नई धाराएं जोड़ने के साथ अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
    उन्होंने आमजन से अपील की कि मादक पदार्थों की तस्करी अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंधित कोई भी सूचना एएनटीएफ कंट्रोल रूम 0141-2502877 अथवा व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
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देवेन्द्र सिंह
Author: देवेन्द्र सिंह

tv journalist with a 25 years of experience. Earlier worked for etv,indianews, sahara samay, bharat express etc

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