पुणे मर्डर केस में जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने शनिवार को लोहगढ़ किले पर क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया। इस दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल पर एक डमी का इस्तेमाल कर उस स्थिति को दोहराने की कोशिश की, जिसमें केतन की मौत होने का अंदेशा जताया जा रहा है। इस रीक्रिएशन का उद्देश्य घटना के पीछे की सच्चाई को और स्पष्ट रूप से समझना बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस आरोपी सिया को लेकर लोहगढ़ किले पहुंची, जहां कथित तौर पर वारदात से जुड़ा घटनाक्रम दोहराया गया। जांच टीम ने किले की ऊंची दीवार से डमी को नीचे गिराकर यह समझने की कोशिश की कि क्या यह गिरावट किसी दुर्घटना का परिणाम थी या इसके पीछे कोई साजिश थी।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और अलग-अलग एंगल से स्थिति को रिकॉर्ड किया। मौके पर मौजूद फॉरेंसिक टीम ने भी सबूत जुटाए और परिस्थितियों का विश्लेषण किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस रीक्रिएशन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि केतन की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या यह मामला धक्का-मुक्की या किसी अन्य घटना से जुड़ा हो सकता है। जांच टीम सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही है।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह पूरा रिक्रिएशन ऑपरेशन कराया, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस दौरान आम लोगों की आवाजाही को भी कुछ समय के लिए नियंत्रित किया गया।
फिलहाल पुलिस इस मामले में जुटाए गए सबूतों और रीक्रिएशन के निष्कर्षों का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला दुर्घटना था या हत्या से जुड़ा कोई गंभीर अपराध।
इस घटना को लेकर इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोग पुलिस की इस कार्रवाई को केस सुलझाने की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।








