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October 25, 2026 2:07 pm

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अनंत सिंह को JDU से निकाला गया, निष्कासन पर छलका दर्द; अब किस राह पर चलेंगे मोकामा के विधायक?

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पटना, बिहार | बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) से मोकामा विधायक अनंत सिंह के निष्कासन के बाद हलचल तेज हो गई है। पार्टी से छह साल के लिए बाहर किए जाने के बाद अनंत सिंह ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए और दावा किया कि अब JDU का राजनीतिक भविष्य कमजोर हो गया है। साथ ही, उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावना भी जताई है। हालांकि, उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति अपना सम्मान बरकरार रखने की बात कही है।

छह साल के लिए JDU से निष्कासित हुए अनंत सिंह

जनता दल यूनाइटेड ने 24 अक्टूबर को मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। पार्टी ने दोनों की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का फैसला भी लिया।

JDU की ओर से की गई कार्रवाई के पीछे बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करना प्रमुख वजह बताई गई। पार्टी का आरोप था कि अनंत सिंह ने निर्देशों की अनदेखी करते हुए पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से JDU उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया।

इस घटनाक्रम के बाद पार्टी और अनंत सिंह के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया। JDU ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता पर कार्रवाई करने की मांग भी की है। हालांकि, सदस्यता समाप्त करने की मांग और उस पर अंतिम निर्णय दो अलग-अलग बातें हैं। फिलहाल इस संबंध में अंतिम फैसला सक्षम प्राधिकारी की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। ‘हमें कोई गम नहीं’, निष्कासन पर अनंत सिंह की प्रतिक्रिया

पार्टी से बाहर किए जाने के बाद अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें इस कार्रवाई का कोई गम नहीं है। उन्होंने जनता को सबसे बड़ा निर्णायक बताते हुए कहा कि जनता ही मालिक है और वही भविष्य में फैसला करेगी।

अनंत सिंह की प्रतिक्रिया से साफ है कि फिलहाल वह पार्टी के फैसले के सामने झुकने या अपनी स्थिति बदलने का संकेत नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों पर भी निशाना साधा और सवाल उठाया कि पार्टी का नेतृत्व करने वाले मौजूदा नेताओं का संगठन को मजबूत बनाने में कितना योगदान रहा है।

उनके बयान ने इस विवाद को केवल पार्टी अनुशासन तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि JDU के नेतृत्व और भविष्य को लेकर भी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व की ओर से इस पूरे मामले पर क्या आगे प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी।

‘JDU खत्म हो गई’, पार्टी के भविष्य पर किया बड़ा दावा

अनंत सिंह ने निष्कासन के बाद JDU के भविष्य को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही और आने वाले चुनाव में उसे काफी कम सीटें मिल सकती हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने JDU के 10 से 12 सीटों तक सिमटने की बात कही।

अनंत सिंह ने यह भी कहा कि JDU की पहचान नीतीश कुमार के नेतृत्व से जुड़ी रही है। उनके मुताबिक, पार्टी की मौजूदा स्थिति पहले जैसी नहीं है और अब संगठन पर ऐसे लोगों का प्रभाव है, जिनकी भूमिका को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं।

हालांकि, JDU के चुनावी प्रदर्शन को लेकर अनंत सिंह का बयान उनका व्यक्तिगत राजनीतिक आकलन है। पार्टी को आगामी चुनाव में कितनी सीटें मिलेंगी, यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल उनका बयान पार्टी से अलग होने के बाद उनके और JDU नेतृत्व के बीच बढ़ते मतभेदों को उजागर करता है। <Cite

क्या अपनी अलग पार्टी बनाएंगे अनंत सिंह?

अनंत सिंह के बयान का सबसे अहम हिस्सा उनके राजनीतिक भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि वह जरूरत पड़ने पर अपनी अलग पार्टी बना सकते हैं।

इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में यह सवाल उठने लगा है कि क्या मोकामा विधायक आने वाले समय में अपना अलग राजनीतिक संगठन खड़ा करेंगे। अगर वह इस दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो उन्हें संगठन निर्माण, समर्थकों को एकजुट रखने और अपने राजनीतिक एजेंडे को स्पष्ट करने जैसे कई कदम उठाने होंगे।

हालांकि, अभी तक नई पार्टी के नाम, गठन की तारीख, संगठनात्मक ढांचे या औपचारिक घोषणा को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इसे अनंत सिंह की ओर से जताई गई संभावना के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उनके अगले कदम पर अंतिम तस्वीर आने वाले दिनों में साफ हो सकती है। <Cite refs=

नीतीश कुमार से दूरी नहीं होने का दावा

JDU नेतृत्व की आलोचना के बीच अनंत सिंह ने नीतीश कुमार को लेकर अलग रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि उनकी नीतीश कुमार से कोई दूरी नहीं है और वह उनसे मुलाकात भी करेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति अपना सम्मान बरकरार रखने की बात कही।

अनंत सिंह के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह पार्टी के मौजूदा नेतृत्व से नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, लेकिन नीतीश कुमार के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को अलग मानते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर नीतीश कुमार पार्टी में सक्रिय भूमिका में होते, तो शायद उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं होती।

यह बयान बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प स्थिति पैदा करता है। एक तरफ अनंत सिंह JDU के भविष्य पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताकर अपने संबंधों को अलग रखने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन बयानों का राजनीतिक असर क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

पत्नी नीलम देवी पर भी हुई कार्रवाई

इस पूरे मामले में अनंत सिंह की पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी भी चर्चा में हैं। JDU ने उन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित किया है। पार्टी की कार्रवाई ने इस विवाद को और व्यापक बना दिया है।

JDU का कहना है कि पार्टी के निर्देशों के विपरीत गतिविधियां और आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार अनुशासनहीनता के दायरे में आते हैं। दूसरी ओर, अनंत सिंह ने निष्कासन पर अफसोस जताने से इनकार किया है और अपनी आगे की राजनीतिक राह के विकल्प खुले रखे हैं।

इस घटनाक्रम से यह साफ है कि विवाद केवल एक विधायक के निष्कासन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पार्टी अनुशासन, नेतृत्व और आगामी राजनीतिक रणनीति जैसे मुद्दे भी जुड़े हुए हैं।

बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा?

अनंत सिंह के JDU से निष्कासन के बाद अब तीन प्रमुख सवाल सामने हैं। पहला, क्या वह वास्तव में अपनी अलग पार्टी बनाएंगे? दूसरा, क्या JDU नेतृत्व और उनके बीच विवाद आगे और बढ़ेगा? तीसरा, विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष उनकी सदस्यता को लेकर उठाई गई मांग पर क्या निर्णय होगा?

इन सवालों के जवाब आने वाले घटनाक्रम पर निर्भर करेंगे। अनंत सिंह ने अपनी अलग पार्टी बनाने का विकल्प जरूर बताया है, लेकिन अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। इसी तरह, JDU ने उनकी विधानसभा सदस्यता पर कार्रवाई की मांग की है, मगर इस मांग को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।

फिलहाल, मोकामा विधायक ने पार्टी से निष्कासन के बाद अपनी राजनीतिक स्वतंत्रता का संकेत दिया है। उन्होंने JDU के भविष्य पर सवाल उठाए हैं, नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताया है और अपनी अलग पार्टी बनाने की संभावना सामने रखी है। अब बिहार की राजनीति में उनकी अगली चाल और JDU की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।

Sanjeevni Today
Author: Sanjeevni Today

Reporter

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