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August 27, 2026 6:40 pm

Air India को चाहिए ₹13,000 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग! रिकॉर्ड घाटे के बाद मालिकों से मांगे $1.5 अरब

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एयर इंडिया के टर्नअराउंड प्लान पर वित्तीय दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। एयरलाइन ने अपने मालिकों Tata Sons और Singapore Airlines से करीब $1.5 अरब यानी लगभग ₹14,355 करोड़ की नई इक्विटी फंडिंग मांगी है। यह मांग ऐसे समय सामने आई है, जब Air India और उसकी बजट एयरलाइन इकाई Air India Express ने वित्त वर्ष 2026 में मिलाकर रिकॉर्ड $2.33 अरब यानी करीब ₹22,238 करोड़ का घाटा दर्ज किया है।

रिकॉर्ड घाटे के बाद फंडिंग की जरूरत

रिपोर्ट के मुताबिक, Air India को इस पूंजी की तत्काल जरूरत है। हालांकि, प्रस्तावित रकम एकमुश्त मिलने के बजाय कई चरणों यानी ट्रांच में दी जा सकती है। फिलहाल Tata Sons और Singapore Airlines के साथ इस प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है और अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

Air India में Singapore Airlines की करीब 25% हिस्सेदारी है। ऐसे में प्रस्तावित फंडिंग को आगे बढ़ाने के लिए उसे भी अपनी हिस्सेदारी के अनुरूप योगदान करना होगा।

Tata के नियंत्रण में आने के बाद बड़ी फंडिंग मांग

Tata Group ने 2022 में Air India का नियंत्रण संभाला था। इसके बाद एयरलाइन को दोबारा मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर टर्नअराउंड प्लान शुरू किया गया। इसमें पुराने विमानों का रिफर्बिशमेंट, नए विमानों को बेड़े में शामिल करना, नेटवर्क का विस्तार और संचालन व्यवस्था में सुधार जैसे कई कदम शामिल हैं।

अब करीब $1.5 अरब की नई इक्विटी फंडिंग की मांग Tata के नियंत्रण में आने के बाद Air India की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट की गई शेयरहोल्डर फंडिंग मांगों में से एक है।

आखिर इतना घाटा क्यों हुआ?

Air India और Air India Express का संयुक्त घाटा पिछले वित्त वर्ष में ₹22,238 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन के प्रदर्शन पर कई बाहरी और परिचालन चुनौतियों का असर पड़ा। इनमें पाकिस्तानी एयरस्पेस पर प्रतिबंध, पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में व्यवधान और पिछले साल हुए अहमदाबाद विमान हादसे का असर शामिल है।

पाकिस्तानी एयरस्पेस उपलब्ध नहीं होने के कारण कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबे वैकल्पिक मार्गों से संचालित करना पड़ा। इससे उड़ान समय और परिचालन लागत पर दबाव बढ़ा। वहीं पश्चिम एशिया में तनाव ने एयरलाइन के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को भी प्रभावित किया।

टर्नअराउंड प्लान पर बढ़ा दबाव

Air India कई अरब डॉलर के बदलाव कार्यक्रम पर काम कर रही है। कंपनी अपने मौजूदा विमानों के रिफर्बिशमेंट के साथ-साथ बेड़े को आधुनिक बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। लेकिन भारी नुकसान के बीच इस पूरे बदलाव कार्यक्रम के लिए पूंजी की जरूरत बढ़ गई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, एयरलाइन ने Airbus और Boeing से ऑर्डर किए गए कुछ विमानों की डिलीवरी को टालने की कोशिश भी की है, ताकि लागत और पूंजीगत दबाव को नियंत्रित किया जा सके।


Air India में लगभग 25% हिस्सेदारी रखने वाली Singapore Airlines ने एयरलाइन के ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम के लिए Tata Sons के साथ मिलकर काम करने की बात कही है। हालांकि, उसने Air India की वित्तीय स्थिति या प्रस्तावित फंडिंग के बारे में विस्तृत टिप्पणी नहीं की है।


नई फंडिंग का बड़ा हिस्सा एयरलाइन के टर्नअराउंड, बेड़े और संचालन से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अंतिम राशि, समय और दोनों शेयरधारकों के योगदान को लेकर अभी फैसला होना बाकी है।


क्या Air India के लिए यह बड़ा संकट है?


फंडिंग की मांग निश्चित तौर पर Air India पर मौजूद वित्तीय दबाव को दिखाती है, लेकिन इसे सीधे तौर पर एयरलाइन के बंद होने या किसी तत्काल संकट का संकेत मानना सही नहीं होगा। यह एक बड़े स्तर के पुनर्गठन और विस्तार कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पूंजी जुटाने की कोशिश है।

Tata Group की रणनीति Air India को लंबे समय में एक मजबूत वैश्विक एयरलाइन के रूप में विकसित करने की है। लेकिन इस बदलाव में भारी निवेश और समय दोनों की जरूरत है। Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी संकेत दिया है कि एयरलाइन को पूरी तरह बदलने की प्रक्रिया में कई साल, यहां तक कि एक दशक तक का समय लग सकता है।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि Tata Sons और Singapore Airlines प्रस्तावित $1.5 अरब की इक्विटी फंडिंग को किस रूप में मंजूरी देते हैं। अगर फंडिंग को मंजूरी मिलती है तो Air India को अपने टर्नअराउंड प्लान को आगे बढ़ाने और मौजूदा वित्तीय दबाव से निपटने के लिए अतिरिक्त पूंजी मिल सकती है।

हालांकि, बातचीत अभी जारी है और फंडिंग पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में Tata Sons और Singapore Airlines के रुख पर बाजार की नजर रहेगी।

कुल मिलाकर, ₹22 हजार करोड़ से ज्यादा के रिकॉर्ड संयुक्त घाटे के बाद करीब ₹14,355 करोड़ की नई फंडिंग की मांग Air India के सामने मौजूद वित्तीय चुनौती को साफ तौर पर दिखाती है। अब देखना होगा कि मालिक कंपनियां इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लेती हैं और एयरलाइन का बहुचर्चित टर्नअराउंड प्लान किस रफ्तार से आगे बढ़ता है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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