नई दिल्ली: देश में जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। चीनी के दाम बढ़ने की चर्चा के बीच अब प्याज की कीमतों में तेजी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्याज के बढ़ते दामों का हवाला देते हुए सरकार से सवाल किया कि महंगाई और बेरोजगारी के बीच गरीब और मध्यम वर्ग आखिर कैसे गुजारा करे।
प्याज की बढ़ती कीमतों पर कांग्रेस का हमला
जयराम रमेश ने एक हिंदी दैनिक में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि एक महीने में प्याज के दाम में 76 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है और कुछ राज्यों में थोक भाव दोगुने हो गए हैं। उन्होंने सरकार के प्याज बफर स्टॉक को लेकर भी सवाल उठाया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि आम लोगों पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि जब रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं के दाम बढ़ते हैं तो इसका सबसे ज्यादा असर कम आय वाले परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है।
चीनी के बाद प्याज ने बढ़ाई चिंता
प्याज की कीमतों में तेजी ऐसे समय में सामने आई है जब चीनी के दाम भी हाल के हफ्तों में बढ़े हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चीनी की औसत कीमत 20 जुलाई को ₹48.18 प्रति किलो से बढ़कर 20 अगस्त को ₹55.70 प्रति किलो हो गई थी। सरकार ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाने की बात कही है।
सरकार के अनुसार चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे घरेलू उत्पादन में कमी, त्योहारी सीजन से पहले मांग में बढ़ोतरी, मौसम से गन्ने की फसल को हुआ नुकसान, वैश्विक आपूर्ति की स्थिति और कुछ स्तर पर जमाखोरी व सट्टेबाजी जैसे कारक हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि हालिया बढ़ोतरी को सिर्फ एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी के डायवर्जन से जोड़ना सही नहीं है।
प्याज के दाम बढ़ने की क्या वजह?
प्याज की कीमतों में तेजी को लेकर बाजार से जुड़े लोगों ने उत्पादन और सप्लाई पर दबाव जैसे कारण बताए हैं। कुछ इलाकों में बारिश से प्याज के खराब होने और आपूर्ति प्रभावित होने की बात भी सामने आई है। हरियाणा के नारनौल में स्थानीय बाजार में प्याज का खुदरा भाव करीब ₹60 प्रति किलो तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है, जबकि कुछ दिन पहले यह करीब ₹30 प्रति किलो बताया गया था।
वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर प्याज की औसत खुदरा कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारने की योजना बनाई है।
सरकार ने उठाया प्याज की कीमतों पर कदम
बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्याज की आपूर्ति उन शहरों और क्षेत्रों तक तेजी से पहुंचाने के लिए विशेष रेल सेवा ‘कांदा एक्सप्रेस’ भी शुरू की गई है, जहां कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं। इसका उद्देश्य बाजार में उपलब्धता बढ़ाकर कीमतों पर दबाव कम करना है।
यानी सरकार की तरफ से कीमतों को नियंत्रित करने के लिए आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जबकि विपक्ष इस स्थिति को लेकर सरकार की आर्थिक नीतियों और महंगाई नियंत्रण पर सवाल उठा रहा है।
कांग्रेस ने महंगाई और बेरोजगारी को जोड़ा
जयराम रमेश ने प्याज की कीमतों के मुद्दे को सिर्फ खाद्य महंगाई तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बेरोजगारी का भी जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ रोजगार से जुड़ी चुनौतियां हैं और दूसरी तरफ रोजमर्रा की चीजों की कीमतों का दबाव बढ़ रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि महंगाई का असर दूध, तेल, फल और राशन जैसी जरूरी चीजों पर भी पड़ रहा है। पार्टी ने इसी आधार पर केंद्र सरकार से पूछा है कि ‘अच्छे दिनों’ का दावा करने वाली सरकार महंगाई से परेशान गरीब और मध्यम वर्ग को राहत कैसे देगी।
त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी चिंता
आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर सरकार और बाजार दोनों की नजर है। चीनी की मांग त्योहारी महीनों में बढ़ने की संभावना रहती है, जबकि प्याज भारतीय रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सब्जियों में शामिल है।
ऐसे में अगर कीमतों में तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो घरेलू बजट पर इसका असर पड़ सकता है। यही वजह है कि सरकार की ओर से बफर स्टॉक और सप्लाई बढ़ाने जैसे उपाय किए जा रहे हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल प्याज और चीनी की कीमतों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। कांग्रेस महंगाई को लेकर सरकार पर दबाव बना रही है, जबकि सरकार कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सप्लाई बढ़ाने और बाजार में हस्तक्षेप जैसे कदम उठा रही है।
आने वाले दिनों में प्याज की आवक, उत्पादन और बाजार में सरकारी स्टॉक की उपलब्धता यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि कीमतों में कितनी राहत मिलती है। फिलहाल आम उपभोक्ता की नजर इस बात पर है कि प्याज और अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से कब राहत मिलेगी।








