परिवहन व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने के लिए परिवहन मंत्री ने बिल्कुल फिल्म ‘नायक’ की तर्ज पर औचक निरीक्षण किया। मंत्री ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क पहना और एक आम यात्री की तरह सरकारी बस में सफर किया। इस दौरान उन्होंने बस की व्यवस्थाओं, यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं और कर्मचारियों के व्यवहार का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सामने आई लापरवाही पर उन्होंने मौके पर ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, मंत्री ने बस में सफर के दौरान देखा कि चालक और परिचालक कई जरूरी नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। यात्रियों के साथ व्यवहार, टिकट वितरण और बस संचालन से जुड़े कई मामलों में अनियमितताएं सामने आईं। कुछ यात्रियों ने भी बस सेवा को लेकर अपनी शिकायतें मंत्री के सामने रखीं, जिनमें समय पर बस न चलना, कर्मचारियों का रवैया और अन्य व्यवस्थागत कमियां शामिल थीं।
निरीक्षण पूरा होने के बाद मंत्री ने अपनी पहचान सार्वजनिक की तो बस में मौजूद कर्मचारी और यात्री भी हैरान रह गए। अधिकारियों को तत्काल मौके पर बुलाया गया और प्रारंभिक जांच के बाद लापरवाही के आरोप में संबंधित ड्राइवर और कंडक्टर को निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए गए। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
परिवहन मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
मंत्री ने कहा कि सरकारी बसों में यात्रा करने वाले लाखों लोग बेहतर सेवाओं के हकदार हैं। यदि कोई कर्मचारी अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतता है या यात्रियों के साथ अनुचित व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों को सभी डिपो और बस सेवाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए।
इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग के कर्मचारियों में भी सतर्कता बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि सेवा की गुणवत्ता सुधारने और यात्रियों का विश्वास मजबूत करने के लिए समय-समय पर ऐसे औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे। वहीं, यात्रियों ने मंत्री की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा और कर्मचारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।








