रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में कथित तौर पर मुख्य आरोपी और नेटवर्क के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारत लाए जाने के बाद मंगलवार को उसे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को पूछताछ के लिए आठ दिनों की रिमांड दे दी। जांच एजेंसी ने अदालत से 10 दिनों की रिमांड मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने केवल आठ दिनों की हिरासत को मंजूरी दी। अब सौरभ चंद्राकर को पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय ले जाया जाएगा। जांच एजेंसी उससे महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर करीब 6,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और हेराफेरी के मामले में सवाल-जवाब करेगी। मंगलवार दोपहर जब उसे अदालत में पेश किया गया, उस दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।
सीबीआई ने मांगी थी 10 दिनों की रिमांड
सौरभ चंद्राकर को अदालत में पेश करने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच और पूछताछ का हवाला देते हुए 10 दिनों तक अपनी हिरासत में रखने की मांग की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि इस मामले में कई अहम पहलुओं की पड़ताल करना अभी बाकी है। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आठ दिनों की रिमांड मंजूर की। अब इस अवधि के दौरान सीबीआई की टीम दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में सौरभ चंद्राकर से पूछताछ करेगी। जांच का प्रमुख केंद्र महादेव सट्टा ऐप का संचालन, उसके नेटवर्क की कार्यप्रणाली और कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े पहलू रहेंगे।
गौरतलब है कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सौरभ चंद्राकर को रविवार को खाड़ी देश ओमान से भारत लाया गया था। सीबीआई के अनुसार, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप नेटवर्क की जांच शुरू होने के बाद से ही वह देश से बाहर रह रहा था और जांच एजेंसियों की पकड़ से बच रहा था। बताया जाता है कि वर्ष 2023 से वह दुबई में रहकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल किया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से ओमान पहुंच गया था। हालांकि, ओमान में उसकी पहचान होने के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
ओमान में गिरफ्तारी के बाद पूरी हुई प्रत्यर्पण प्रक्रिया
सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारत सरकार के माध्यम से ओमान सरकार के समक्ष प्रत्यर्पण का औपचारिक प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रक्रिया के दौरान भारतीय जांच एजेंसियों ने ओमान के अधिकारियों के साथ मामले से जुड़े दस्तावेज और आरोपी के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्य भी साझा किए। भारत सरकार की विभिन्न एजेंसियों, इंटरपोल के नेशनल सेंट्रल ब्यूरो और ओमान के संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय के बाद प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली।
सीबीआई के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान की रॉयल पुलिस ने उसकी तलाश कर उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने ओमान सरकार के सामने प्रत्यर्पण से संबंधित औपचारिक दस्तावेज प्रस्तुत किए। भारतीय एजेंसियों की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद उसे भारत लाने का रास्ता साफ हुआ। प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी होने पर सीबीआई की विशेष टीम ओमान पहुंची और रविवार को सौरभ चंद्राकर को अपने साथ भारत लेकर आई।
6,000 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी की जांच में अहम पूछताछ
महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर है। इस मामले में ऐप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी के संचालन, उससे जुड़े नेटवर्क और कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुए वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले में करीब 6,000 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। सौरभ चंद्राकर को इस नेटवर्क का प्रमुख प्रमोटर और कथित किंगपिन बताया जाता है। ऐसे में भारत लाए जाने के बाद उसकी गिरफ्तारी और अब आठ दिनों की सीबीआई रिमांड को जांच की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली मुख्यालय में होने वाली पूछताछ के दौरान जांच अधिकारी ऐप के संचालन से जुड़े लोगों, कथित वित्तीय लेनदेन, नेटवर्क के विस्तार और अन्य संबंधित पहलुओं पर जानकारी जुटाने की कोशिश करेंगे। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या रही और कथित तौर पर धन का लेनदेन किन माध्यमों से किया गया। फिलहाल अदालत की ओर से सीबीआई को आठ दिनों की हिरासत दी गई है और इसी अवधि में जांच एजेंसी आरोपी से विस्तृत पूछताछ करेगी।








