नई दिल्ली। आईपीएल 2027 से पहले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की टीम बदलने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स के बीच संभावित खिलाड़ियों की अदला-बदली को लेकर बातचीत निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। इस सौदे के तहत पंजाब किंग्स की ओर से तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और विकेटकीपर-बल्लेबाज विष्णु विनोद को मुंबई इंडियंस में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है। वहीं, राजस्थान रॉयल्स भी हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल करने की दौड़ में बनी हुई है। आईपीएल से जुड़े घटनाक्रमों पर नजर रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, पिछले कई सप्ताह से चल रही यह बातचीत अब अंतिम चरण में पहुंच सकती है और दिवाली से पहले इस संबंध में घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।
हार्दिक पांड्या के भविष्य पर जल्द हो सकता है फैसला
हार्दिक पांड्या का मुंबई इंडियंस के साथ सफर पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। वर्ष 2024 से टीम की कप्तानी संभाल रहे हार्दिक के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस का पिछला आईपीएल सत्र भी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। इसके बाद उनके फ्रेंचाइजी से अलग होने की संभावनाएं तेज हो गईं। इससे पहले भी हार्दिक मुंबई इंडियंस का साथ छोड़ चुके हैं और गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हुए टीम को खिताब तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। अब एक बार फिर गुजरात टाइटंस में उनकी वापसी की संभावनाओं पर चर्चा हुई, लेकिन ऑफ सीजन के दौरान कई फ्रेंचाइजी ने उनमें दिलचस्पी दिखाई। फिलहाल पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स इस दौड़ में प्रमुख रूप से बने हुए हैं।
राजस्थान रॉयल्स की ओर से हार्दिक को टीम में शामिल करने के साथ कप्तानी की जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। हालांकि, इस पूरे सौदे का अंतिम फैसला मुंबई इंडियंस की प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगा। फ्रेंचाइजी के पास हार्दिक को अपने साथ बनाए रखने का विकल्प भी मौजूद है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इसे सबसे कम संभावित विकल्प माना जा रहा है। मुंबई इंडियंस अब अपनी टीम की कमजोरियों को दूर करने और आगामी सत्र के लिए संतुलित संयोजन तैयार करने पर ध्यान दे रही है।
अर्शदीप सिंह और विष्णु विनोद पर मुंबई इंडियंस की नजर
मुंबई इंडियंस का मानना है कि टीम को सबसे पहले गेंदबाजी विभाग मजबूत करने की जरूरत है। इसी वजह से पंजाब किंग्स की ओर से दिया गया अर्शदीप सिंह का प्रस्ताव फ्रेंचाइजी को आकर्षित कर रहा है। अर्शदीप के साथ पंजाब की ओर से एक अन्य खिलाड़ी को भी सौदे में शामिल करने की पेशकश की गई है। इसमें विकेटकीपर-बल्लेबाज विष्णु विनोद का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। मुंबई के लिए यह सौदा इसलिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इससे टीम को एक अनुभवी बाएं हाथ का तेज गेंदबाज और अतिरिक्त विकेटकीपिंग-बल्लेबाजी विकल्प मिल सकता है। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स की ओर से भी अन्य खिलाड़ियों के साथ यशस्वी जायसवाल का नाम प्रस्तावित किए जाने की चर्चा है।
अर्शदीप सिंह को हासिल करना मुंबई इंडियंस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह पावरप्ले के दौरान नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और डेथ ओवरों में भी अपनी गेंदबाजी से टीम को मजबूती दे सकते हैं। इसके अलावा बाएं हाथ के तेज गेंदबाज होने के कारण वह मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण में विविधता ला सकते हैं। जसप्रीत बुमराह के साथ उनकी जोड़ी टीम के लिए प्रभावी साबित हो सकती है। मुंबई इंडियंस लंबे समय से ऐसे गेंदबाज की तलाश में रही है, जो शुरुआती ओवरों में दबाव बना सके और अंतिम ओवरों में भी रन रोकने की जिम्मेदारी निभा सके।
सूर्यकुमार यादव मुंबई इंडियंस में बने रहेंगे
हार्दिक पांड्या को लेकर मुंबई इंडियंस और अन्य फ्रेंचाइजी के बीच बातचीत कई महीनों से चल रही है। हालांकि, हाल के दिनों में मुंबई ने यह स्पष्ट किया है कि उसे इस सौदे के बदले किन खिलाड़ियों की जरूरत है। इससे पहले सूर्यकुमार यादव के भी फ्रेंचाइजी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब उनके मुंबई इंडियंस के साथ बने रहने की संभावना स्पष्ट हो गई है। उनके टीम में रहने से मुंबई का बल्लेबाजी क्रम मजबूत बना रहेगा। ऐसे में फ्रेंचाइजी का अधिक ध्यान गेंदबाजी विभाग को बेहतर बनाने और दूसरी टीमों से उपलब्ध खिलाड़ियों के विकल्प तलाशने पर है।
कोलकाता नाइट राइडर्स ने भी मुंबई इंडियंस के साथ खिलाड़ियों की अदला-बदली को लेकर बातचीत की थी। हालांकि, यह चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी, क्योंकि कोलकाता अपनी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में से किसी को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। ऐसे में दोनों फ्रेंचाइजी के बीच संभावित सौदे पर सहमति नहीं बन पाई।
चेन्नई सुपर किंग्स की योजना से बाहर हुए हार्दिक
दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स का नाम भी हार्दिक पांड्या को अपनी टीम में शामिल करने के संभावित दावेदारों में शामिल रहा है। चेन्नई की फ्रेंचाइजी उन्हें अपने साथ जोड़ने में दिलचस्पी रखती थी, लेकिन खिलाड़ियों की अदला-बदली से जुड़ी शर्तों के कारण बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। हार्दिक को टीम में शामिल करने के लिए चेन्नई को अपने किसी विदेशी खिलाड़ी को रिलीज करना पड़ सकता था, जिससे टीम का संतुलन प्रभावित होने की आशंका थी। फ्रेंचाइजी ऐसे सौदे के लिए तैयार नहीं थी, जिसमें उसे अपने मौजूदा संयोजन को कमजोर करना पड़े। इसके अलावा केवल नकद राशि देकर हार्दिक को हासिल करने का विकल्प भी स्वीकार्य नहीं माना गया।
चेन्नई सुपर किंग्स आगामी सत्र के लिए कुछ अन्य खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने की कोशिश कर रही है। टीम कम से कम दो ऐसे खिलाड़ियों की तलाश में है, जो अगले सत्र में उसके प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद कर सकें। इस सिलसिले में चेन्नई ने सनराइजर्स हैदराबाद के साथ भी बातचीत की है। चर्चा का प्रमुख नाम इंग्लैंड के ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन का है। चेन्नई ने उन्हें लेकर अपनी दिलचस्पी दिखाई है और अब उसे सनराइजर्स हैदराबाद के जवाब का इंतजार है।
शिवम दुबे को छोड़ने के पक्ष में नहीं चेन्नई
चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज शिवम दुबे को लेकर भी बीच-बीच में अटकलें लगाई जाती रही हैं कि फ्रेंचाइजी उन्हें रिलीज कर सकती है। हालांकि, टीम प्रबंधन और विशेष रूप से महेंद्र सिंह धोनी उन्हें एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देखते हैं। शिवम दुबे टीम के बल्लेबाजी क्रम में एकमात्र बाएं हाथ के प्रमुख बल्लेबाज भी हैं। यही वजह है कि उन्हें किसी संभावित ट्रेड सौदे में शामिल नहीं किया गया है। चेन्नई की नजर एक अन्य बाएं हाथ के बल्लेबाज पर भी है, लेकिन उस खिलाड़ी को हासिल करने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि फ्रेंचाइजी बदले में किस खिलाड़ी को देने के लिए तैयार होती है या संबंधित टीम नकद सौदे को स्वीकार करती है या नहीं।
हार्दिक की चोटों का इतिहास बना ट्रेड में बड़ी चुनौती
हार्दिक पांड्या को लेकर चल रही बातचीत में उनकी फिटनेस और चोटों का इतिहास भी एक महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है। कुछ फ्रेंचाइजी उनके पिछले चोट संबंधी रिकॉर्ड को देखते हुए बड़ा सौदा करने से पहले सावधानी बरत रही हैं। आईपीएल के बाद से हार्दिक ने कोई प्रतिस्पर्धी मुकाबला नहीं खेला है और आगामी आईपीएल सत्र में उनकी वापसी लंबे समय तक चोट से बाहर रहने के बाद हो सकती है। ऐसे में उन्हें हासिल करने के लिए अपनी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों को छोड़ने पर कुछ फ्रेंचाइजी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। यही वजह है कि संभावित ट्रेड को लेकर बातचीत में कई तरह के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
आईपीएल की एक अन्य प्रमुख भारतीय खिलाड़ी के भी आगामी सत्र से पहले टीम बदलने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कम से कम एक फ्रेंचाइजी ने इस खिलाड़ी को लेकर दिलचस्पी दिखाई है, जबकि दूसरी फ्रेंचाइजी भी अपने विकल्पों पर विचार कर रही है। हालांकि, इस संभावित सौदे को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
आईपीएल में बड़े ट्रेड की तैयारी, रिटेंशन की समयसीमा बढ़ी
आईपीएल के भीतर यह भी चर्चा है कि आगामी सत्र से पहले खिलाड़ियों की अदला-बदली के कुछ और बड़े सौदे देखने को मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी वजह से फ्रेंचाइजी के लिए खिलाड़ियों को रिटेन करने की अंतिम समयसीमा भी दो दिन आगे बढ़ाई गई है। इस अवधि में टीमें अपने मौजूदा खिलाड़ियों, संभावित ट्रेड और आगामी सत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंतिम रणनीति तैयार कर रही हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु फिलहाल सबसे शांत फ्रेंचाइजी नजर आ रही है। लगातार दो बार खिताब जीतने वाली टीम अपने मौजूदा खिलाड़ियों और संतुलित टीम संयोजन को लेकर संतुष्ट दिखाई दे रही है। यही वजह है कि अन्य फ्रेंचाइजी के विपरीत बेंगलुरु की ओर से अब तक किसी बड़े ट्रेड को लेकर सक्रियता सामने नहीं आई है।
फिलहाल हार्दिक पांड्या के अगले आईपीएल सत्र में किस टीम की ओर से खेलने को लेकर अंतिम तस्वीर साफ नहीं हुई है। पंजाब किंग्स की ओर से अर्शदीप सिंह और विष्णु विनोद का प्रस्ताव मुंबई इंडियंस के लिए आकर्षक विकल्प बना हुआ है, जबकि राजस्थान रॉयल्स भी उन्हें अपनी टीम में शामिल करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में फ्रेंचाइजी के बीच होने वाली बातचीत से यह तय होगा कि हार्दिक मुंबई इंडियंस में बने रहेंगे या एक बार फिर नई टीम की जर्सी में नजर आएंगे।








