मुंबई। ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक अभिनेता इमरान खान ने अपना कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया के तहत विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी है। इमरान खान ने अधिकारियों से उन सबूतों और मुंबई पुलिस की रिपोर्ट की प्रतियां साझा करने की मांग की है, जिनके आधार पर उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस (‘लीव इंडिया नोटिस’) दिया गया था। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिलहाल भारत छोड़ने के आदेश पर 2 नवंबर तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है, जिससे अभिनेता को बड़ी राहत मिली है।
यह पूरा विवाद 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास आयोजित एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां मुंबई पुलिस ने इमरान खान को प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में लिया था। एफआरआरओ को दिए अपने अभ्यावेदन में खान ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले 42 वर्षों से भारत में रह रहे हैं और उनका पूरा परिवार यहीं बसा हुआ है।
उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब वे मौके पर पहुंचे थे तब कोई विरोध प्रदर्शन नहीं चल रहा था और उन्होंने पुलिस बैरिकेड्स भी पार नहीं किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कार्रवाई करने से पहले न तो उनका पूरा बयान दर्ज किया और न ही उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिया गया।
इमरान खान का तर्क है कि बिना कोई साक्ष्य साझा किए सीधे देश छोड़ने का आदेश देना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ओसीआई कार्डधारक होने के नाते वे एक अलग कानूनी श्रेणी में आते हैं और सामग्री उपलब्ध कराए जाने से ही निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी। बॉम्बे हाईकोर्ट में केंद्र सरकार और एफआरआरओ द्वारा इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगे जाने के बाद अदालत ने 2 नवंबर तक किसी भी सख्त कार्रवाई पर रोक लगा रखी है।








