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October 29, 2026 8:29 pm

शुभमन गिल ने माथे पर क्यों लगाया TEMPLE डिवाइस? ब्रेन और थकान से जुड़े संकेतों को ट्रैक करने वाला गैजेट चर्चा में

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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल न्यूजीलैंड में प्रैक्टिस मैच के दौरान माथे पर एक खास डिवाइस लगाए नजर आए। उनके माथे के किनारे चिपके इस छोटे से गैजेट ने क्रिकेट फैंस और टेक्नोलॉजी में दिलचस्पी रखने वाले लोगों का ध्यान खींचा। इस डिवाइस का नाम TEMPLE है, जिसे जाने-माने उद्यमी दीपिंदर गोयल की रिसर्च टीम विकसित कर रही है। यह सामान्य स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड से अलग है, क्योंकि इसे सिर के किनारे लगाकर शरीर से जुड़े कुछ खास शारीरिक संकेतों को ट्रैक करने के लिए तैयार किया गया है।

गिल के माथे पर डिवाइस दिखने के बाद लोगों के मन में सवाल उठने लगे कि आखिर यह गैजेट क्या करता है, खिलाड़ी इसे क्यों पहन रहे हैं और क्या इससे थकान या दिमाग की स्थिति का पता लगाया जा सकता है? TEMPLE को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, इसका मुख्य उद्देश्य मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े बदलावों का अनुमान लगाने वाले संकेतों की निगरानी करना है। हालांकि, इसकी क्षमताओं और स्वास्थ्य संबंधी दावों को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह अभी विकसित हो रही तकनीक है और इसे किसी बीमारी की पहचान करने वाला प्रमाणित मेडिकल उपकरण नहीं माना जाना चाहिए।

क्या है TEMPLE डिवाइस?

TEMPLE एक छोटा, हल्का और सिर के किनारे लगाया जाने वाला वियरेबल गैजेट है। इसे कनपटी के पास त्वचा पर चिपकाया जाता है। इसकी बनावट ऐसी है कि इसे पहनने के लिए हाथ में स्मार्टवॉच या कलाई पर फिटनेस बैंड लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। डिवाइस को त्वचा पर टिकाए रखने के लिए खास चिपकने वाले ग्रिप्स का इस्तेमाल किया जाता है।

इस डिवाइस को दीपिंदर गोयल की पहल से विकसित किया जा रहा है। कंपनी की योजना शरीर के कुछ शारीरिक संकेतों को लगातार रिकॉर्ड करके यह समझने की है कि नींद, व्यायाम, तनाव और रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान शरीर में किस तरह के बदलाव आते हैं।

कैसे काम करता है यह गैजेट?

TEMPLE में PPG यानी फोटोप्लेथिस्मोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। यह एक तरह की ऑप्टिकल सेंसिंग तकनीक है, जो प्रकाश की मदद से ऊतकों में रक्त की मात्रा में होने वाले बदलावों का पता लगाती है। इसी तरह की तकनीक कुछ स्मार्टवॉच और अन्य वियरेबल उपकरणों में भी इस्तेमाल होती है।

TEMPLE की टीम इस तकनीक से मिलने वाले संकेतों के आधार पर मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से संबंधित बदलावों का अनुमान लगाने की कोशिश कर रही है। कंपनी ने अपने सिस्टम के लिए BrainFlow नाम का इस्तेमाल किया है। इसके जरिए व्यायाम, नींद और दूसरी गतिविधियों के दौरान मिलने वाले संकेतों को समझने का प्रयास किया जाता है।

हालांकि, यह डिवाइस सीधे दिमाग के विचार नहीं पढ़ता और न ही इसे EEG मशीन समझना चाहिए। इसके संकेतों का वास्तविक अर्थ और स्वास्थ्य संबंधी उपयोग वैज्ञानिक जांच और स्वतंत्र पुष्टि पर निर्भर करता है।

क्या थकान और तनाव का भी पता चलता है?

TEMPLE से जुड़ी जानकारी में शरीर की गतिविधियों, आराम और तनाव से जुड़े शारीरिक बदलावों को समझने की बात कही गई है। कंपनी Entropy नामक एक मेट्रिक का भी उल्लेख करती है, जिसके जरिए शरीर पर पड़ने वाले शारीरिक या मानसिक दबाव से जुड़े संकेतों को समझने का लक्ष्य है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि डिवाइस पहनते ही किसी खिलाड़ी की थकान, तनाव या मानसिक स्थिति का सटीक पता चल जाता है। ऐसे संकेतों की व्याख्या के लिए वैज्ञानिक प्रमाण, परीक्षण और स्वतंत्र सत्यापन जरूरी हैं। फिलहाल इसे खिलाड़ी की फिटनेस का अंतिम फैसला करने वाला उपकरण मानना सही नहीं होगा।

क्रिकेटरों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हो सकती है ऐसी तकनीक?

क्रिकेट जैसे खेल में खिलाड़ियों को लंबे समय तक अभ्यास करना पड़ता है। मैचों के दौरान शारीरिक मेहनत, यात्रा, नींद की कमी और दबाव का असर प्रदर्शन पर पड़ सकता है। इसलिए खिलाड़ियों की रिकवरी और शारीरिक स्थिति को समझने के लिए नई तकनीकों में दिलचस्पी बढ़ रही है।

यदि भविष्य में TEMPLE जैसी तकनीक के माप विश्वसनीय साबित होते हैं, तो इससे शोधकर्ताओं और खेल विशेषज्ञों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि अलग-अलग परिस्थितियों में शरीर के संकेत कैसे बदलते हैं। हालांकि, किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन या स्वास्थ्य के बारे में निष्कर्ष निकालने के लिए केवल एक डिवाइस के आंकड़ों पर निर्भर नहीं किया जा सकता।

शुभमन गिल के माथे पर यह डिवाइस किस खास उद्देश्य से लगाया गया था, इसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। सिर्फ प्रैक्टिस के दौरान इसे पहने देखने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि गिल किसी खास समस्या का इलाज करा रहे हैं या उनकी फिटनेस को लेकर कोई परेशानी है।

कितनी है TEMPLE की कीमत?

TEMPLE की कीमत को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। मीडिया रिपोर्टों में इसकी संभावित कीमत करीब 72 हजार रुपये बताई गई है, लेकिन यह आधिकारिक रूप से पुष्टि की गई अंतिम कीमत नहीं है। डिवाइस की उपलब्धता और बिक्री से जुड़ी शर्तों की जानकारी कंपनी की आधिकारिक घोषणाओं से ही स्पष्ट होगी।

क्या TEMPLE मेडिकल जांच का विकल्प है?

नहीं। TEMPLE को फिलहाल एक विकसित हो रहे वियरेबल और वेलनेस डिवाइस के रूप में देखना चाहिए। इसके संकेतों को किसी बीमारी की पुष्टि, इलाज या डॉक्टर की जांच का विकल्प नहीं माना जा सकता। किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो तो उसे योग्य चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।

कुल मिलाकर, शुभमन गिल के माथे पर दिखा TEMPLE डिवाइस खेल और हेल्थ टेक्नोलॉजी के मेल को लेकर नई दिलचस्पी पैदा कर रहा है। यह तकनीक भविष्य में कितनी उपयोगी साबित होगी, इसका फैसला इसके वैज्ञानिक सत्यापन और वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर ही हो सकेगा।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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