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October 29, 2026 9:41 pm

तूफान अर्नब का आंध्र प्रदेश में कहर! 3 की मौत, 57 हजार लोग सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट; 50 ट्रेनें और 21 फ्लाइट रद्द

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आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान अर्नब ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के कई तटीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, तूफान के चलते तीन लोगों की मौत हुई है और 31 मकानों को नुकसान पहुंचा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 57 हजार लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है। तूफान का असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है। कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तूफान का असर

चक्रवात अर्नब ने बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, तट पार करते समय तूफान की हवाओं की रफ्तार लगभग 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। इसके बाद तूफान कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया। हालांकि, इसके कमजोर पड़ने के बावजूद कई इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना रहा।

विशाखापट्टनम, विजयनगरम, अनकापल्ली और आसपास के तटीय क्षेत्रों में मौसम का खासा असर देखने को मिला। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जबकि सड़कों पर मलबा जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बहाली के काम में जुटी हैं।

57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

तूफान के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया था। निचले इलाकों, समुद्र तट के नजदीक बसे क्षेत्रों और बाढ़ की आशंका वाले स्थानों से लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के अधिकारियों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।

राहत अभियान में NDRF, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैनात हैं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों के अनुसार, तूफान के कारण राज्य में 31 मकानों को नुकसान पहुंचा है और तीन लोगों की मौत की सूचना मिली है। राहत टीमें प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन कर रही हैं।

50 ट्रेनें और 21 फ्लाइट रद्द, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

तूफान अर्नब का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। सुरक्षा कारणों से कई रेल सेवाओं को रद्द या उनके समय में बदलाव किया गया है। शुरुआती रिपोर्टों में करीब 50 ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा हवाई अड्डों पर कम से कम 21 उड़ानें रद्द होने की खबर है। प्रतिकूल मौसम के कारण कुछ अन्य उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है।

रेलवे और विमानन सेवाओं से जुड़े अधिकारियों ने यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन या फ्लाइट की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। यात्रियों को संबंधित रेलवे सेवा या एयरलाइन के आधिकारिक माध्यमों से ताजा जानकारी लेने को कहा गया है, क्योंकि मौसम की स्थिति के अनुसार सेवाओं में बदलाव संभव है।

ओडिशा में भी सतर्कता, राहत अभियान तेज

तूफान का प्रभाव पड़ोसी राज्य ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी महसूस किया गया। उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के कई इलाकों में तेज बारिश और हवाओं के कारण प्रशासन सतर्क है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था की गई है।

आपदा प्रबंधन बलों की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। उनका मुख्य काम लोगों को सुरक्षित निकालना, सड़कों पर गिरे पेड़ों और मलबे को हटाना तथा जरूरी सेवाओं को बहाल करने में मदद करना है। मौसम खराब रहने की आशंका के कारण प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भी बारिश का अलर्ट

चक्रवात अर्नब के असर और उससे जुड़े मौसम तंत्र को देखते हुए मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में भी बारिश की संभावना को लेकर अलर्ट पर नजर रखी जा रही है। मौसम की गतिविधियों के कारण इन राज्यों के कुछ हिस्सों में बादल छाने, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। हालांकि, बारिश का असर हर जिले में एक जैसा नहीं होगा और इसके लिए मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान को देखना जरूरी है।

मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लोगों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखें। तेज हवा, बिजली गिरने या जलभराव की स्थिति में सावधानी बरतें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।

राहत और बहाली के काम पर प्रशासन की नजर

तूफान के तट पार करने के बाद अब प्रशासन के सामने प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती है। बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क और परिवहन सेवाओं को सुचारु करने के लिए संबंधित विभाग काम कर रहे हैं। जिन इलाकों में पेड़ गिरने या सड़कों पर मलबा जमा होने से रास्ते बंद हुए हैं, वहां सफाई और मरम्मत का काम किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में व्यापक असर डाला है। तीन लोगों की मौत, मकानों को नुकसान, करीब 57 हजार लोगों का सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाना और रेल-हवाई सेवाओं में रुकावट इस आपदा की गंभीरता को दिखाते हैं। आने वाले समय में मौसम की स्थिति और राहत कार्यों की प्रगति पर सबकी नजर रहेगी।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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