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October 29, 2026 7:10 pm

दिवाली की सफाई करते समय भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या नहीं

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दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही घरों में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां तेज हो गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी का आगमन स्वच्छ और व्यवस्थित घरों में होता है। यही वजह है कि दिवाली से पहले लोग घर के हर कोने की सफाई करने, पुराना सामान हटाने और घर को नए सिरे से सजाने में जुट जाते हैं।

हालांकि, वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। दिवाली की सफाई केवल धूल-मिट्टी हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे घर की व्यवस्था सुधारने और नकारात्मकता दूर करने से भी जोड़कर देखा जाता है। सफाई के दौरान कुछ सामान्य गलतियों से बचना चाहिए। आइए जानते हैं कि दिवाली की सफाई करते समय किन सात बातों का ध्यान रखना चाहिए और मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर में क्या करना उचित माना जाता है।

1. झाड़ू खरीदने और पुरानी झाड़ू हटाने के नियमों का रखें ध्यान

दिवाली की सफाई के दौरान झाड़ू से जुड़ी कुछ परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं में धनतेरस के दिन नई झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। इसे घर में समृद्धि के आगमन और नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। इसलिए दिवाली की तैयारी करते समय नई झाड़ू खरीदने के लिए धनतेरस को विशेष महत्व दिया जाता है।

इसके साथ ही घर में लंबे समय से इस्तेमाल हो रही पुरानी और घिस चुकी झाड़ू को भी अनावश्यक रूप से जमा करके नहीं रखना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पुरानी झाड़ू को शनिवार या अमावस्या के दिन घर से बाहर निकालना उचित माना जाता है। इसे नाली या गंदगी वाली जगह पर फेंकने के बजाय साफ स्थान पर उचित तरीके से निपटाना चाहिए। झाड़ू को घर में साफ-सुथरी जगह पर रखना भी जरूरी माना जाता है। इन परंपराओं का पालन करने के पीछे घर की स्वच्छता और व्यवस्थित रखरखाव का विचार भी जुड़ा हुआ है।

2. भारी फर्नीचर के नीचे की सफाई करना न भूलें

दिवाली की सफाई करते समय अक्सर लोग घर के दिखाई देने वाले हिस्सों पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि सोफा, अलमारी और पलंग जैसे भारी फर्नीचर के नीचे सफाई करना भूल जाते हैं। इन वस्तुओं को थोड़ा हटाकर उनके नीचे जमा धूल-मिट्टी को अच्छी तरह साफ करना चाहिए। लंबे समय तक एक ही जगह रखे रहने के कारण फर्नीचर के नीचे गंदगी जमा हो सकती है, जिससे घर की स्वच्छता प्रभावित होती है।

वास्तु मान्यताओं में घर के कोनों और भारी सामान के नीचे रुकी हुई ऊर्जा को तरक्की में बाधा से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से दिवाली की सफाई के दौरान इन स्थानों को साफ करने पर विशेष जोर दिया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक समृद्धि के रास्ते खुलते हैं। हालांकि, धन की प्राप्ति या आर्थिक स्थिति में सुधार का संबंध केवल सफाई से होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन स्वच्छ और व्यवस्थित घर में रहना निश्चित रूप से सुविधाजनक होता है।

3. बंद और खराब घड़ियों को घर में न रखें

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में बंद पड़ी घड़ियों को रखना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए दिवाली की साफ-सफाई के दौरान दीवारों पर लगी और दराजों में रखी सभी घड़ियों की जांच करनी चाहिए। यदि कोई घड़ी लंबे समय से बंद है, तो पहले उसकी बैटरी या सेल बदलकर उसे ठीक करने का प्रयास करें। अगर घड़ी खराब हो चुकी है और उसकी मरम्मत संभव नहीं है, तो उसे घर से हटा देना बेहतर है।

बंद घड़ियों को प्रतीकात्मक रूप से रुके हुए समय, करियर में बाधा और आर्थिक प्रगति में रुकावट से जोड़कर देखा जाता है। इसी मान्यता के आधार पर दिवाली से पहले घर में मौजूद खराब घड़ियों को ठीक करने या हटाने की सलाह दी जाती है। घर में सभी घड़ियों का सही ढंग से काम करना और समय पर उनकी देखभाल करना व्यवस्थित जीवनशैली के लिहाज से भी उपयोगी है।

4. छत और घर के कोनों में लगे जालों को अच्छी तरह साफ करें

दिवाली की सफाई में घर की छत, दीवारों के कोनों और उन स्थानों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जहां मकड़ी के जाले आसानी से जमा हो जाते हैं। छत पर लगे जालों को हटाना सफाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय तक इनकी अनदेखी करने से घर के कोने गंदे दिखाई देने लगते हैं और धूल भी जमा हो सकती है।

वास्तु मान्यताओं में मकड़ी के जालों को नकारात्मक ऊर्जा और राहु के कथित प्रतिकूल प्रभावों से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि घर को जालों से मुक्त रखने से वातावरण अधिक सकारात्मक बनता है। इसके अलावा, छत और ऊंचे स्थानों पर जमा पुरानी लकड़ी, मिट्टी तथा अन्य बेकार सामान को भी हटा देना चाहिए। इससे घर में अनावश्यक कबाड़ जमा नहीं होता और सफाई करना आसान हो जाता है। जाले हटाते समय उन जगहों की भी जांच करें, जहां लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, ताकि पूरा घर साफ और व्यवस्थित दिखाई दे।

5. दीवारों की सीलन और टपकते नलों की समय रहते मरम्मत कराएं

अगर घर की दीवारों पर सीलन आ गई है या किसी नल से लगातार पानी टपक रहा है, तो दिवाली से पहले इन समस्याओं को ठीक कराना चाहिए। सीलन वाली दीवारों और खराब नलों को आर्थिक नुकसान तथा धन के ठहराव से जोड़कर देखा जाता है। लगातार टपकते पानी को धन के अनावश्यक खर्च का प्रतीक भी माना जाता है।

हालांकि, व्यावहारिक रूप से भी इन समस्याओं को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। दीवारों में सीलन से पेंट खराब हो सकता है और लंबे समय तक नमी रहने से घर के रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है। इसी तरह, टपकते नल से पानी की बर्बादी होती है और मरम्मत में देरी करने पर समस्या गंभीर हो सकती है। इसलिए दिवाली से पहले घर की दीवारों, नलों और पानी की पाइपलाइन की जांच कराकर जरूरी मरम्मत करा लेना बेहतर है। धार्मिक मान्यताओं में इसे घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने से जोड़ा जाता है, जबकि व्यावहारिक दृष्टि से यह घर को सुरक्षित और साफ रखने का जरूरी कदम है।

6. टूटे-फूटे और बेकार सामान को घर से बाहर निकालें

दिवाली की सफाई के दौरान घर में लंबे समय से जमा बेकार सामान की पहचान करना भी जरूरी है। ऐसी वस्तुओं को घर में अनावश्यक रूप से जमा करके रखने से बचना चाहिए, जो खराब हो चुकी हैं या जिनका अब कोई उपयोग नहीं है। इनमें टूटे हुए बर्तन, पुराने अखबार, अनुपयोगी किताबें, फटी चप्पलें, पुराने जूते और अन्य कबाड़ शामिल हैं। दिवाली से पहले इन वस्तुओं को छांटकर जरूरत के अनुसार दान, पुनर्चक्रण या उचित तरीके से निपटान किया जा सकता है।

इसके अलावा, घर में पड़े खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, बेकार केबल, टूटे तार और पुराने बंद चार्जर की भी जांच करनी चाहिए। ऐसे सामान को बिना जरूरत जमा करने से जगह घिरती है और सफाई में परेशानी होती है। खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कूड़े में फेंकने के बजाय ई-कचरे के उचित संग्रह केंद्र पर देना बेहतर है। वास्तु मान्यताओं में टूटे-फूटे सामान को राहु और केतु के प्रतिकूल प्रभावों से जोड़कर देखा जाता है और माना जाता है कि इससे आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, ऐसी मान्यताओं का कोई स्थापित वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। फिर भी, घर को अनावश्यक सामान से मुक्त रखना स्वच्छता और बेहतर व्यवस्था के लिहाज से उपयोगी है।

7. घर की दीवारों का पेंट खराब है तो दिवाली से पहले कराएं मरम्मत

अगर घर की दीवारों का रंग फीका पड़ गया है, पेंट उखड़ रहा है या दीवारों पर दाग-धब्बे दिखाई दे रहे हैं, तो दिवाली से पहले उनकी मरम्मत कराने पर विचार किया जा सकता है। घर की दीवारों के लिए बहुत गहरे रंगों के बजाय हल्के और सौम्य रंग चुनना बेहतर माना जाता है। ऑफ-व्हाइट, क्रीम और इसी तरह के हल्के रंग घर को खुला, साफ और शांत वातावरण वाला रूप देने में मदद कर सकते हैं।

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, हल्के रंगों को सकारात्मकता और शांति से जोड़ा जाता है। इसी वजह से इन्हें मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए अनुकूल माना जाता है। दिवाली के अवसर पर घर की दीवारों को नया रूप देने से घर की सुंदरता भी बढ़ सकती है। हालांकि, रंग चुनते समय घर में प्राकृतिक रोशनी, कमरों के आकार और परिवार की पसंद का ध्यान रखना चाहिए। यदि दीवारों पर सीलन या पानी के रिसाव की समस्या है, तो केवल नया पेंट कराने के बजाय पहले उसके कारण को ठीक कराना जरूरी है। इससे पेंट लंबे समय तक टिकेगा और घर का रखरखाव भी बेहतर रहेगा।

दिवाली की साफ-सफाई को लेकर वास्तु गुरु मान्या की इन सलाहों में घर को व्यवस्थित रखने, पुराना सामान हटाने, खराब वस्तुओं की मरम्मत कराने और स्वच्छ वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरे और व्यवस्थित घर में मां लक्ष्मी का स्वागत शुभ माना जाता है। ऐसे में त्योहार से पहले घर के हर कोने की सफाई करने के साथ-साथ उन छोटी समस्याओं को भी दूर करना चाहिए, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ध्यान रहे कि वास्तु से जुड़ी कई मान्यताएं धार्मिक और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित हैं; आर्थिक समृद्धि या ग्रहों के प्रभाव से जुड़े इनके दावों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

Rajesh Bhagtani
Author: Rajesh Bhagtani

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