जयपुर। राजस्थान में विपक्ष और सरकार के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। इसी कड़ी में राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध जताया है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
डोटासरा ने प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, टीकाराम जूली ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले विपक्ष के साथ उचित व्यवहार नहीं किया जा रहा है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। पार्टी की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की जाए।
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव व्यवस्था को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं के प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने प्रदर्शन किया।
डोटासरा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग किया गया। डोटासरा ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने का अधिकार सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को है।
डोटासरा ने पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए विपक्ष के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाए। उनके बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी और तेज हो गई।
टीकाराम जूली ने भी सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर निशाना साधा। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सत्ता का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित व्यवहार को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जूली का कहना है कि विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता रहेगा और सरकार की नीतियों पर सवाल पूछना उसका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की बात कही।
सड़क से लेकर सदन तक बढ़ेगा मुद्दा
कांग्रेस नेताओं के बयानों से साफ है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में और चर्चा का विषय बन सकता है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बता रही है, जबकि सरकार और उसके समर्थकों का पक्ष इस मामले में अलग हो सकता है।
विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता जरूरी है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब तक विरोध जारी रहेगा।
आरोपों के बीच सियासी बयानबाजी तेज
डोटासरा और जूली के आरोपों के बाद BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। एक तरफ कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को मुद्दा बना रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार की ओर से इन आरोपों पर जवाब दिया जाना बाकी है।
फिलहाल राजस्थान में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, विपक्ष के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी माहौल गर्म है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और सार्वजनिक मंचों पर भी जोर-शोर से उठाया जा सकता है।








