लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर मोर्चा खोल दिया। आरक्षण से जुड़े मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सीटी बजाकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से वे भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अपने अधिकारों और आरक्षण व्यवस्था को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर जुटे अभ्यर्थी
68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से जुड़े प्रावधानों को लागू करने की मांग उठाई। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले में लगातार संघर्ष करने के बावजूद उन्हें अभी तक स्पष्ट समाधान नहीं मिला है।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सीटी बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि सीटी बजाने का उद्देश्य सरकार और संबंधित अधिकारियों का ध्यान उनकी समस्या की ओर आकर्षित करना है।
आरक्षण के मुद्दे पर लंबे समय से मांग
अभ्यर्थियों की मुख्य मांग भर्ती में आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण से संबंधित नियमों और उनके अधिकारों को स्पष्ट रूप से लागू किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर अभ्यर्थी अलग-अलग स्तर पर अपनी आवाज उठाते रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए यह केवल नौकरी का मामला नहीं है, बल्कि उनके भविष्य और लंबे समय से की जा रही तैयारी से जुड़ा सवाल है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सीटी बजाकर जताया विरोध
शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने अलग अंदाज में अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सीटी बजाकर अपनी मांगों की ओर ध्यान खींचा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कई बार ज्ञापन और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के बाद भी जब उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो उन्होंने इस तरह प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की।
अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की कि उनकी समस्याओं को जल्द सुना जाए और आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय लिया जाए।
सरकार से समाधान की उम्मीद
68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से इस मामले में समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार को अभ्यर्थियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द उचित कदम उठाना चाहिए।
प्रदर्शन के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार और शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर है। आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की ओर से क्या फैसला लिया जाता है और अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या समाधान निकलता है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
फिलहाल शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर हुए इस प्रदर्शन ने 68500 शिक्षक भर्ती का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अभ्यर्थी अपनी मांग पर कायम हैं और जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।








