लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी की रणनीति को लेकर तस्वीर अब काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के मंगलवार सुबह किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट ने तीसरे उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों को नई दिशा दे दी। अखिलेश यादव ने लिखा, “अब हमारी निगाह तीन पर नहीं, चार सौ तीन पर है।” इस पोस्ट को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
तीसरे उम्मीदवार को लेकर बदला रुख
राज्यसभा चुनाव के लिए सपा पहले ही दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। इनमें प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवाणी शामिल हैं। दोनों उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं। इसके बाद तीसरी सीट को लेकर पार्टी की ओर से लगातार सस्पेंस बना हुआ था।
सोमवार को सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा था कि पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है और मंगलवार को नामांकन की बात भी कही गई थी। पार्टी की ओर से तीसरे उम्मीदवार के लिए विधायकों से प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर कराने की खबरें भी सामने आई थीं।
लेकिन मंगलवार सुबह अखिलेश यादव की पोस्ट ने इस रणनीति में बदलाव के संकेत दे दिए। उनके ‘3 नहीं, 403’ वाले संदेश से माना जा रहा है कि सपा अब तीसरी राज्यसभा सीट के लिए उम्मीदवार नहीं उतारेगी और अपना राजनीतिक फोकस विधानसभा चुनाव पर केंद्रित करेगी।
403 का क्या है मतलब?
उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। अखिलेश यादव के पोस्ट में 403 का जिक्र इसी ओर इशारा करता है कि पार्टी अब राज्यसभा की तीसरी सीट की लड़ाई के बजाय आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को प्राथमिकता दे सकती है।
सपा के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबला है। ऐसे में अखिलेश का यह संदेश पार्टी की आगे की रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके पोस्ट में तीसरे उम्मीदवार का नाम न उतारने की बात सीधे तौर पर विस्तार से नहीं कही गई है, इसलिए इसे पार्टी की रणनीतिक घोषणा और राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तीसरा उम्मीदवार नहीं आया तो क्या होगा?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। मौजूदा स्थिति में बीजेपी ने आठ और सपा ने दो उम्मीदवार उतारे हैं। अगर सपा तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारती है, तो सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बन सकती है।
यही वजह है कि अखिलेश यादव के पोस्ट के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल अचानक तेज हो गई है। पिछले कुछ दिनों से सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब पार्टी प्रमुख के संदेश से तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है।
पहले तीसरे उम्मीदवार की तैयारी की खबरें थीं
इससे पहले सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के संकेत लगातार मिल रहे थे। पार्टी नेताओं ने कहा था कि संख्या बल जुटने की स्थिति में तीसरा उम्मीदवार उतारा जाएगा। सोमवार को भी सपा की ओर से मंगलवार को तीसरे उम्मीदवार के नामांकन की बात कही गई थी।
ऐसे में अखिलेश यादव का अचानक 403 सीटों पर निगाह होने का संदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि पार्टी राज्यसभा की अतिरिक्त सीट के लिए संख्या जुटाने की कोशिश से पीछे हटकर अब अगले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर ज्यादा ध्यान दे सकती है।
राज्यसभा चुनाव से विधानसभा चुनाव तक फोकस
अखिलेश यादव के संदेश का सबसे बड़ा राजनीतिक अर्थ यही निकाला जा रहा है कि सपा अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों को प्राथमिकता देना चाहती है। 403 विधानसभा सीटों का उल्लेख सीधे तौर पर इस बड़े चुनावी लक्ष्य की ओर संकेत करता है।
फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक सपा के दो उम्मीदवार मैदान में हैं और तीसरे उम्मीदवार को लेकर अखिलेश यादव के पोस्ट के बाद तस्वीर बदल गई है। अंतिम स्थिति नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।








