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August 17, 2026 6:08 pm

5 साल में पोर्टफोलियो दोगुना होने की उम्मीद! रामदेव अग्रवाल ने बताया बाजार का ग्रोथ फॉर्मूला

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भारतीय शेयर बाजार को लेकर दिग्गज निवेशक और मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने एक सकारात्मक अनुमान जताया है। उनके मुताबिक, अगले पांच वर्षों में भारतीय इक्विटी बाजार करीब 15 फीसदी सालाना रिटर्न दे सकता है। अगर यह अनुमान वास्तविकता में बदलता है, तो चक्रवृद्धि आधार पर निवेशकों का पोर्टफोलियो लगभग दोगुना हो सकता है। हालांकि, यह बाजार का अनुमान है, किसी तरह के रिटर्न की गारंटी नहीं।

दो साल के ठहराव के बाद ग्रोथ फेज की उम्मीद

रामदेव अग्रवाल का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार करीब दो साल के ठहराव के बाद अगले बड़े ग्रोथ फेज की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.5 से 8.5 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद जताई है। इसके साथ ही कॉरपोरेट आय में 13-14 फीसदी की वृद्धि बाजार के लिए सकारात्मक संकेत बन सकती है।

उनके मुताबिक, आर्थिक विकास और कंपनियों की कमाई में मजबूती आने पर प्रमुख बाजार सूचकांकों में भी बेहतर रिटर्न देखने को मिल सकता है। उन्होंने अगले पांच वर्षों में करीब 15 फीसदी सालाना रिटर्न की संभावना जताई है।

बैंकिंग सेक्टर पर खास भरोसा

अग्रवाल ने बैंकिंग सेक्टर को लेकर विशेष रूप से सकारात्मक रुख दिखाया है। उनका कहना है कि बैंकों की बैलेंस शीट मजबूत स्थिति में है और क्रेडिट ग्रोथ भी अच्छी बनी हुई है। उनकी पसंद वाले बैंकिंग शेयरों में ICICI Bank, SBI, AU Small Finance Bank, Federal Bank और Karur Vysya Bank के नाम शामिल हैं।

HDFC Bank को लेकर भी उन्होंने सकारात्मक राय रखी है और इसके मौजूदा वैल्यूएशन को ऐतिहासिक स्तरों की तुलना में आकर्षक बताया है। हालांकि, किसी भी शेयर में निवेश का फैसला केवल किसी निवेश विशेषज्ञ की राय के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।

IT सेक्टर में भी सुधार की उम्मीद

IT सेक्टर को लेकर भी अग्रवाल ने अपना नजरिया साझा किया। AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर टेक कंपनियों में बनी चिंताओं के बावजूद उनका मानना है कि इस सेक्टर में हालात धीरे-धीरे बेहतर हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि IT शेयरों में बड़ी रिकवरी आने में समय लग सकता है।

उन्होंने AI को लेकर बने डर को भी कमतर बताया। उनके अनुसार, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ रहा खर्च केवल टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सीमेंट, केबल और कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों को भी अप्रत्यक्ष फायदा मिल सकता है।

FIIs की बिकवाली पर क्या कहा?

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की गतिविधियों पर भी रामदेव अग्रवाल ने अपनी राय रखी। उनके मुताबिक, विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में एक बड़ी चिंता रुपये की कमजोरी है। डॉलर के लिहाज से भारतीय निवेश से मिलने वाला रिटर्न प्रभावित होने के कारण विदेशी निवेशकों का रुख बदल सकता है। हालांकि, उनके अनुसार FIIs की आक्रामक बिकवाली में कमी आने के संकेत हैं।

पोर्टफोलियो दोगुना होने का मतलब क्या?

15 फीसदी सालाना रिटर्न की बात को समझने के लिए चक्रवृद्धि रिटर्न को देखा जाता है। लगातार पांच वर्षों तक करीब 15 फीसदी CAGR मिलने पर निवेश की रकम लगभग दोगुनी हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, ₹1 लाख का निवेश सैद्धांतिक रूप से पांच वर्षों में करीब ₹2 लाख तक पहुंच सकता है, अगर हर साल 15 फीसदी का रिटर्न लगातार मिलता रहे।

लेकिन शेयर बाजार में वास्तविक रिटर्न हर साल एक जैसा नहीं रहता। किसी साल तेज बढ़त हो सकती है तो किसी साल बाजार में गिरावट भी आ सकती है। इसलिए 15 फीसदी का आंकड़ा एक अनुमान है, निश्चित परिणाम नहीं।

निवेशकों के लिए क्या है संदेश?

रामदेव अग्रवाल का मौजूदा बाजार आउटलुक मुख्य रूप से भारत की आर्थिक वृद्धि, कॉरपोरेट कमाई और मजबूत कंपनियों पर आधारित है। उनका मानना है कि लंबी अवधि में भारतीय इक्विटी बाजार में अवसर बने रह सकते हैं।

हालांकि, बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। किसी भी कंपनी या सेक्टर का पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता। इसलिए निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और जोखिमों को समझना जरूरी है।

Rashmi Repoter
Author: Rashmi Repoter

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